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दिल्ली: मतदाता सूची व सीईसी के इस्तीफे की मांग पर हंगामा, सीजेपी-आइसा ने की तीन मांगें, तिरंगा फहराने का ऐलान

Thu, 15 Oct 2026 09:07 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस वार्ता में हंगामा हुआ। आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा के बोलने के दौरान कुछ लोगों ने नारेबाजी कर विरोध जताया।
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प्रेस क्लब में नेहा बोरा की मीडिया से बातचीत में हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस वार्ता में हंगामा हुआ। आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा के बोलने के दौरान कुछ लोगों ने नारेबाजी कर विरोध जताया। आंदोलन के तरीके और उसके मकसद को लेकर भी तीखी बहस हुई। इस बीच आयोजकों ने तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने के कार्यक्रम का ऐलान किया।

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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) समेत दूसरे संगठनों ने मीडिया से बातचीत की। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और कपिल सिब्बल, अभिनेता व सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज, आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा और तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष शेख सलाउद्दीन समेत कई लोग शामिल हुए। वक्ताओं ने मतदाता सूची में बदलाव, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने पर सवाल उठाए। संगठनों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से लेकर हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई तक की मांग दोहराई।

एक व्यक्ति के लिए दिल्ली में इतनी पाबंदी क्यों: दिपके
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि एक व्यक्ति के लिए दिल्ली में इतनी पाबंदियां क्यों लगाई जा रही हैं। दिपके ने कहा कि तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना अपराध नहीं है। उन्होंने ‘एक देश, एक चुनाव’ की योजना पर भी सवाल उठाए। साथ ही, सौरव दास और आशुतोष रांका समेत हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की मांग की।
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मतदाता सूची में बदलाव पर उठाए सवाल
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मतदाता सूची में बदलाव और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताई। अभिनेता प्रकाश राज ने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर कुछ समुदायों के मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से मुस्लिम मतदाताओं का मुद्दा उठाया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में प्रेसवार्ता के दौरान विस्तृत आंकड़े पेश नहीं किए गए। दूसरी तरफ वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने पर भी आपत्ति जताई। आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि पुलिस कार्रवाई और दबाव के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा।

नेहा बोरा के बोलने पर नारेबाजी, माहौल गरमाया
नेहा बोरा के बोलने पर कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध कर रहे लोगों ने ‘बंद करो’ और ‘दफा हो जाओ’ जैसे नारे लगाए। इस पर बोरा ने आयोजकों से हंगामा कर रहे लोगों को बाहर निकालने को कहा। इसके बाद प्रेसवार्ता में आंदोलन की रणनीति और उसके उद्देश्य को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। इस दौरान भारत में तख्तापलट से जुड़ी टिप्पणी भी की गई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

तीन प्रमुख मांगें, आज सीपी में तिरंगा फहराने का कार्यक्रम
सीजेपी और आइसा ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, सौरव दास और आशुतोष रांका समेत हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई और जंतर-मंतर को दोबारा प्रदर्शन स्थल बनाने की मांग शामिल है। संगठनों ने पुलिस कार्रवाई रोकने की भी अपील की। इसी कड़ी में संगठनों ने शुक्रवार, 16 अक्तूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम आयोजित करने का ऐलान किया। आयोजकों ने लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।

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