गोरखपुर में जिला कलेक्ट्रेट गेट से वापस जाते सपा प्रत्याशी को रोकती पुलिस।
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जिला पंचायत अध्यक्ष नामांकन के दौरान भाजपा का दबदबा रहा। 17 जिलों में निर्विरोध निर्वाचन होने से पार्टी में जहां खुशी है वहीं विपक्षियों के पाले में मायूसी छाई है। हालांकि बचे 57 जिलों में से करीब पचास सीटों पर भाजपा और सपा के बीच सीधी टक्कर की संभावना जताई जा रही है। मथुरा समेत पश्चिमी यूपी की कुछ सीटों पर बसपा और रालोद से भी भाजपा का मुकाबला होगा।
शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए नामांकन हुआ। इनमें 17 जिलों में तो सिर्फ भाजपा प्रत्याशी ही नामांकन करा पाए लेकिन अन्य जिलों में सपा प्रत्याशियों ने नामांकन कराए हैं। इटावा में जरूर सपा के अंशुल निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। 29 जून को नाम वापसी होगी और 3 जुलाई को वोट पड़ेंगे।
बिछने लगी है बिसात : वोटरों को अपने पाले में करने की कोशिश हालांकि पहले से ही शुरू है लेकिन नामांकन के साथ ही इसमें और तेजी आ गई है। कई जिलों में पाला बदलने का खेल शुरू हो गया है। सदस्यों को अपने पाले में मिलाने की कोशिशें जारी हैं। भाजपा पर सपा लगातार धमाकाकर सदस्यों को अपने पाले में करने का आरोप लगा रही है।
पंचायत चुनाव में धांधली कर रही है भाजपा सरकार : अखिलेश
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा पंचायत चुनाव में धोखाधड़ी और धांधली कर रही है। वह पूरी तरह से अलोकतांत्रिक आचरण अपनाए हुए हैं। जिला पंचायत सदस्यों को अध्यक्ष पद पर नामांकन तक करने नहीं दिया गया। तमाम सदस्यों को धमका कर अपने खेमे में करने का प्रयास चल रहा है।