चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे सुरक्षाकर्मी, सुबह से ही चलती रही कैंपस से जुड़ीं सभी सड़कों पर गश्त
मेट्रो स्टेशन पर भी कदमताल, डॉग स्क्वॉड करता रहा गश्त, पूछताछ के बाद आगे जाने की अनुमति थी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शताब्दी वर्ष के समापन समारोह की सुबह से ही दिल्ली विश्वविद्यालय का नाॅर्थ कैंपस छावनी में तब्दील नजर आया। विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन से डीयू को जोड़ने वाली सभी सड़कों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती थी। कदम-कदम पर रास्ते से गुजरने वालों पर पुलिस नजर रख रही थी। नॉर्थ कैंपस की ओर जाने वाले छात्रों व राहगीरों से पूछताछ करने के बाद ही आगे जाने की अनुमति थी। छात्रों व आने-जाने वाले राहगीरों के पहचान पत्र की जांच के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया जा रहा था। कोई अप्रिय घटना न घटे, इसके लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था। एनएसजी का डॉग स्क्वॉड भी गश्त कर रहा था। विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के अंदर व बाहर भी कड़ी सुरक्षा रही। किसी भी यात्री को स्टेशन में रुकने नहीं दिया जा रहा था।
सड़कें रहीं बंद
समारोह की सुरक्षा को लेकर विश्वविद्यालय के खेल परिसर व नॉर्थ कैंपस की ओर जाने वाली सभी सड़कें बंद कर दी गई थीं। कई स्तर पर बैरिकेडिंग की गई थी। किसी तरह से बाहरी वाहन अंदर न जा पाएं, इसे लेकर वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगा रखी थी। अगर कोई वाहन जा भी रहा था तो उसकी तलाशी ली जा रही थी। मेट्रो स्टेशन के आसपास भी किसी को भी बैठने नहीं दिया जा रहा था। इस दौरान मुख्य सड़क पर यातायात को कुछ देर के लिए रोक दिया था, जिससे जाम की स्थिति बन गई थी।
एक झलक पाने को बेताब दिखे छात्र
पीएम मोदी की एक झलक पाने के लिए छात्र बेताब नजर आए। कोई दोस्तों के साथ तो कोई अपने शिक्षकों के साथ आया था। छात्रों को मोदी के मेट्रो से आने की सूचना मिली, वैसे ही छात्रों का जमावड़ा विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के बाहर लग गया था। समारोह संपन्न होने के बाद जैसे ही मोदी मेट्रो स्टेशन की ओर बढ़े, वैसे ही मेट्रो स्टेशन के पास छात्रों व राहगीरों की बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई। सुरक्षाकर्मियों को इस मौके पर लोगों को दूर रहने व स्टेशन के पास क्षेत्र को खाली करने की अपील करनी पड़ी। हालांकि, छात्र मोदी के साथ सेल्फी लेने के लिए आतुर दिखे। मोदी के मेट्रो स्टेशन के अंदर जाने के बाद लोग उनके काफिले में शामिल वाहनों के साथ सेल्फी लेते दिखे।
मौके पर मौजूद छात्रा सृष्टि ने बताया कि उसे समारोह में जाने का मौका नहीं मिला, जिससे वह बाहर ही मोदी को देखने के लिए आई थी। वह कहती हैं कि यह एक अच्छा अनुभव है। वहीं, छात्र अनुभव सिन्हा का कहना था कि वह कार्यक्रम में शामिल होने के मौके से चूक गए। सुबह 8:30 बजे से पहले पहुंचने को कहा गया था, लेकिन उनको देरी हुई। नौ बजे पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर जाने से मना कर दिया। ऐसे में स्टेशन पर बैठकर ही प्रधानमंत्री को देखना पड़ा।