जांच के दौरान पता चला कि मंगलवार रात को इनके काम करने वाली नौकरानी ने दोनों को ठीक देखा था। अगले दिन दोपहर में जब वह आई तो दोनों अचेत थे। घटना से बुजुर्ग महिला बुरी तरह आहत हो गई।
पुलिस ने उनकी काउंसलिंग कराई। इसके बाद दोनों शवों को एंबुलेंस की मदद से निकलवाकर मोर्चरी भेजा गया। इसके बाद एसडीएम को सूचना दी गई। दोनों के अंतिम संस्कार के लिए कोई नहीं आया तो पुलिस ने खुद ही अगले दिन दोनों का कोविड प्रोटोकॉल के तहत निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार करवा दिया। अब पुलिस बुजुर्ग महिला की देखभाल भी करवा रही है। दोनों भाइयों का गुरुग्राम में पत्थर का कारोबार था। अब परिवार में बुजुर्ग महिला अकेली बची हैं।