नई दिल्ली। कोतवाली इलाके में महज 47 हजार रुपये के लिए एक युवती हत्या करने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। कोतवाली थाना पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों अंकित (23) और नितेश (20) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सलोनी (25) नामक युवती की कार में मोबाइल चार्जर के तार से गला घोंटकर उसका शव अलीपुर इलाके में ठिकाने लगा दिया था।
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार, मोबाइल चार्जर का तार, पीड़िता का मोबाइल और 3400 रुपये बरामद किये हैं। दरअसल आरोपी अंकित ने सलोनी से लोन दिलवाने के नाम पर 47 हजार रुपये लिये थे। सलोनी को न तो लोन मिला और न ही अंकित रुपये वापस कर रहा था। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने योजना बनाकर सलोनी को मौत के घाट उतार दिया।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त अंटो अल्फोंस ने बताया कि 20 जनवरी को जहांगीरपुर निवासी सुरेंद्र सिंह ने अपनी बेटी सलोनी की गुमशुदगी कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। सुरेंद्र ने बताया कि उसकी बेटी भागीरथी पैलेस के एक मेडिकल स्टोर पर नौकरी करती थी। 19 जनवरी को वह ड्यूटी आई थी। वह दोपहर करीब 3.30 बजे वहां से निकली लेकिन घर नहीं पहुंची।
पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। इस बीच उसी दिन पुलिस को अलीपुर से सलोनी का शव बरामद हो गया। पुलिस ने हत्या की धारा जोड़कर मामले की छानबीन शुरू की। टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से पुलिस टीम अंकित तक पहुंच गई। उसने पूछताछ में हत्या की बात कबूल कर ली। बाद में उसके साथी नितेश को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी अंकित ने बताया कि पहले वह सलोनी के साथ ही मेडिकल स्टोर पर नौकरी करता था। कुछ समय पूर्व उसने नौकरी छोड़कर नोएडा की एक फाइनेंस कंपनी में नौकरी शुरू कर दी थी। सलोनी को लोन की जरूरत थी। उसने अंकित से लोन दिलवाने के लिए कहा तो अंकित ने उससे 47 हजार रुपये ठग लिए। अब रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने उसकी हत्या करने की योजना बना ली।
आरोपियों ने सलोनी को रुपये देने की बात कर 19 जनवरी को पंजाबी बाग मेट्रो स्टेशन बुलाया। वहां सेंट्रो कार लेकर अंकित व नितेश खड़े थे। कार में ही सलोनी की हत्या कर शव को अलीपुर में सूनसान स्थान पर ठिकाने लगा दिया। बाद में उसका मोबाइल व 3400 रुपये भी लूट लिये।