दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के तुगलकाबाद-एयरोसिटी मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के लिए हरी झंडी मिल गई है। 20.20 किलोमीटर के इस कॉरिडोर में चार एलिवेटेड सहित कुल 15 स्टेशन होंगे। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की ओर से जारी सिविल कांट्रेक्ट के बाद इस कॉरिडोर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। यह कॉरिडोर वॉयलेट लाइन और एक्सप्रेस लाइन को जोड़ेगी। इससे लाखों लोगों को फायदा होगा। इस कॉरिडोर के निर्माण को तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। फिलहाल दिल्ली मेट्रो की सभी लाइनों पर रोजाना 50-60 लाख लोग सवारी करते हैं।
इस कॉरिडोर में एक डबल डेकर पुल होगा। साथ ही संगम विहार से अंबेडकर नगर के बीच फ्लाईओवर के साथ मेट्रो पुल भी होगा जबकि साकेत जी ब्लॉक पर एक अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इसके तैयार होने से संगम विहार से साकेत के बीच महरौली-बदरपुर मार्ग सिग्नल फ्री हो जाएगा।
मेट्रो फेज-चार के तहत जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मेट्रो कॉरिडोर में केशोपुर, पश्चिम विहार, पीरागढ़ी, मंगोलपुरी, पश्चिम एन्क्लेव, पुष्पांजलि, दीपाली चौक, मधुबन चौक, प्रशांत विहार और उत्तरी पीतमपुरा में स्टेशन बनाए जाएंगे। 30 दिसंबर, 2019 को जनकपुरी पश्चिम-आरके. आश्रम कॉरिडोर पर हैदरपुर बादली मोड़ पर निर्माण की शुरुआत की गई है।
मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर में आठ एलिवेटेड स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इनमें यमुना विहार, भजनपुरा, खजूरी खास, सोनिया विहार, सोराघाट, जगतपुर गांव, झाड़ौदा और बुराड़ी स्टेशन हैं। यमुना नदी पर पुल के अलावा एक एकीकृत एलिवेटेड पुल का निर्माण किया जाएगा। यमुना विहार से भजनपुरा के बीच पीडब्ल्यूडी का एलिवेटेड फ्लाइओवर होगा जबकि ऊपर से मेट्रो गुजरेगी।
फेज-4 में 45 मेट्रो स्टेशनों का होगा निर्माण
तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर पर चार एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों में संगम विहार, खानपुर-देवोली, अंबेडकर नगर, साकेत-जी ब्लॉक के अलावा मेट्रो पुल का भी निर्माण किया जाएगा। फेज-4 के तहत अब तक तीन गलियारों को मंजूरी मिल चुकी हैं। 61.679 किलोमीटर की नई मेट्रो लाइनों में कुल 45 मेट्रो स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा।