अब तक आपने इंजीनियरिंग, मेडिकल या किसी अन्य प्रतियोगिता से संबंधित अकादमी के बारे में ही सुना होगा, लेकिन शायद कभी यह नहीं सुना होगा कि अपराध की ट्रेनिंग देने के लिए भी अकादमी चलाई जाती है। जी हां, मध्य दिल्ली की दरियागंज थाना पुलिस ने झपटमारी के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की तो इसका खुलासा हुआ।
दोनों ने बताया कि वह न्यू उस्मानपुर में चल रही एक्सप्रेस स्नैचिंग अकादमी के छात्र हैं। उनका गुरु अलाउद्दीन लड़कों को झपटमारी की ट्रेनिंग देता है। आरोपियों के पास से झपटे गए तीन मोबाइल, चोरी की चार बाइक व अन्य सामान बरामद हुआ है। इनकी गिरफ्तारी से 15 मामले सुलझे हैं। पुलिस ने दो दिन की रिमांड लेने के बाद बुधवार को दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया ने बताया कि कुछ दिन से आउटर रिंग रोड से जवाहर लाल नेहरू मार्ग के आसपास झपटमारी हो रही थीं। इस बीच 20 जुलाई को राजघाट के पास बदमाशों ने एक युवक का मोबाइल झपट लिया। दरियागंज थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से न्यू उस्मानपुर पहुंच गई। वहां इंस्पेक्टर राकेश शर्मा व अन्य की टीम ने कई दिन नजर रखने के बाद 26 जुलाई को दो आरोपियों अजहरुद्दीन खान (20) और मो. आबिद (21) को न्यू उस्मानपुर से गिरफ्तार कर लिया।
दोनों ने बताया कि वह अलाउद्दीन नामक बदमाश के लिए काम करते हैं। अजहरुद्दीन बाइक चलाने की ट्रेनिंग लिए हुए है, जबकि आबिद पीछे बैठकर झपटमारी करने में एक्सपर्ट है। दोनों ने अलाउद्दीन की अकादमी में ट्रेनिंग ली है। अजहरुद्दीन बॉलीवुड फिल्म ‘धूम’ से प्रभावित है।
कड़ी परीक्षा से गुजरना होता है
अलाउद्दीन उत्तर-पूर्वी दिल्ली का बदमाश है। उसके खिलाफ लूटपाट और चोरी समेत कई मामले दर्ज हैं। अलाउद्दीन न्यू उस्मानपुर में एक्सप्रेस स्नैचिंग अकादमी चलाता है, जिसमें झपटमारी की ट्रेनिंग देता है। स्नैचिंग की ट्रेनिंग लेने वालों को पहले कड़ी परीक्षा से गुजरना होता है। युवकों को ही स्नैचिंग के लिए तैयार किया जाता है। अकादमी में आने वालों को सबसे पहले धूम फिल्म दिखाई जाती है। इसके बाद उन्हें झपटमारी के दौरान आड़ी-तिरछी बाइक चलाना, बाइक चोरी करना सिखाया जाता है।
सेना की तरह दी जाती है ट्रेनिंग
अलाउद्दीन सभी लड़कों को सेना या पुलिस की तरह फिजिकल ट्रेनिंग भी देता है। सभी को ऊंचे स्थान पर चढ़ने, वहां से कूदने और भागने की ट्रेनिंग भी दी जाती है। दो से तीन माह ट्रेनिंग करने के बाद दो-दो लड़कों का ग्रुप बनाकर इनको झपटमारी के लिए भेज दिया जाता है। ज्यादातर लड़के वारदात को अंजाम देने के बाद माल लेकर अलाउद्दीन के पास पहुंचते हैं। बदले में अलाउद्दीन उनको उचित इनाम देता है। पिछले सप्ताह ही कोतवाली पुलिस ने अलाउद्दीन के दो गुर्गों को दबोचा था। पुलिस अलाउद्दीन की तलाश कर रही है।