कृषि कानून को वैश्विक स्तर पर पहुंचाकर ट्विटर स्टॉर्म लाने के लिए टूलकिट बनाने के मामले में आरोपी बनाए गए शांतनु मुलुक की जमानत याचिका पर फैसला आज आ सकता है। शांतनु ने 23 फरवरी को दिल्ली की एक अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी जिस पर बुधवार सुबह सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान अदालत ने दिल्ली पुलिस ने शांतनु की जमानत याचिका पर उसका जवाब मांगा है। अदालत ने इसकी अगली सुनवाई 25 फरवरी को तय की है। अदालत ने सरकारी वकील की बात पर यह भी संज्ञान लिया है कि शांतनु को पहले से ही 26 फरवरी तक के लिए गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिली हुई है।
इस मामले में शांतनु पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि और वकील निकिता जैकब के साथ सह आरोपी बनाए गए हैं। एक ओर जहां दिशा रवि को अदालत से 23 फरवरी को जमानत मिल गई थी वहीं निकिता भी अंतरिम राहत पर चल रही हैं।
न्यायाधीश ने मुलुक की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए शुक्रवार का दिन तय किया। मुलुक को मुंबई उच्च न्यायालय ने 16 फरवरी को 10 दिन की ट्रांजिट जमानत दी थी। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात का भी संज्ञान लिया कि मुलुक को 26 फरवरी तक गिरफ्तारी से सुरक्षा दी गई है।
सरकारी वकील ने दलील दी कि मामले में जांच कर रहे अधिकारी आज उपस्थित नहीं हैं और ‘बेहतर होगा उनकी उपस्थिति में मामले की सुनवाई हो’, जिसके बाद सुनवाई स्थगित कर दी गई। मुलुक, रवि और निकिता जैकब पर राजद्रोह तथा अन्य मामले चल रहे हैं।