किसान आंदोलन को विश्व स्तर पर ले जाने के लिए टूलकिट तैयार करने की आरोपी बनाई गई वकील निकिता जैकब ने दिल्ली की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। मंंगलवार को अदालत इस याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गई और इसके लिए नौ मार्च की तारीख तय की है।
इसके साथ ही अदालत ने दिल्ली पुलिस को निकिता की अग्रिम जमानत पर जवाब दाखिल करने के लिए भी समय देते हुए कहा है कि वह नौ मार्च तक अपना जवाब दाखिल कर दें। निकिता के साथ इस मामले में पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि और शांतनु मुलुक को भी आरोपी बनाया गया है। दिशा रवि को इस मामले में जहां जमानत मिल चुकी है वहींं शांतनु को 9 मार्च तक अंतरिम राहत मिली हुई है।
सोमवार को दायर की थी याचिका
पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा के समक्ष दायर जमानत याचिका में निकिता ने तर्क रखा कि मुंबई हाईकोर्ट ने 17 फरवरी को उनको तीन सप्ताह के लिए राहत प्रदान की थी। याची ने कहा कि पुलिस ने उनके खिलाफ फर्जी तरीके से मामला दर्ज किया है और उन्होंने किसी भी प्रकार से कानून का उल्लंघन नहीं किया।
याची ने कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और उन्होंने जांच में सहयोग किया है। उनको आशंका है पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है ऐसे में उसकी अग्रिम जमानत स्वीकार की जाए। पुलिस ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में सोशल मीडिया पर शेयर की गई टूलकिट मामले में यह मामला दर्ज किया था।
इस मामले में आरोपी दिशा रवि जमानत पर है, जबकि शांतनु मुलुक की गिरफ्तारी पर अदालत ने 9 मार्च तक रोक लगा रखी है। शांतनु अन्य सह आरोपी निकिता जैकब के साथ टूलकिट एफआईआर के संबंध में हाल ही में पुलिस जांच में शामिल हुए थे।