काम दिलाने का झांसा देकर असम की तीन बहनों को दिल्ली लाकर वेश्यावृति की दलदल में धकेल दिया गया। इनमें से एक मौका पाकर वहां से किसी तरह भाग निकली और दिल्ली महिला आयोग की टीम तक पहुंच गई। टीम ने उसके बयान पर नरेला पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है, लेकिन पीड़िता उस जगह का रास्ता नहीं पहचान पा रही है, जहां उसे और उसकी बहनों को बंधक बनाया गया था।
उसकी दोनों बहनों की तलाश भी चल रही है। महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल के मुताबिक, असम निवासी 16 वर्षीय किशोरी को एक महिला ने उनके पास पहुंचाया। पूछताछ में किशोरी ने बताया कि उसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। उसकी बड़ी बहन के एक जानकार ने दिल्ली में काम दिलाने का झांसा दिया और तीनों बहनों को दिल्ली ले आया।
उस व्यक्ति ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर तीनों बहनों को अपने घर में बंधक बना लिया और उनसे जबरन वेश्यावृति कराई। विरोध करने पर उनके साथ बुरी तरह मारपीट भी की। किशोरी ने बताया कि उन्हें खाने में नशीला पदार्थ दिया जाता था। बेहोशी की हालत में उनके साथ दुष्कर्म किया जाता था। किशोरी का कहना है कि उन तीनों बहनों के अलावा उस घर में 15-20 अन्य नाबालिग लड़कियां भी रखी गई थीं।
एक दिन घर का दरवाजा खुला देखकर उसने कुछ अन्य लड़कियों के साथ भागने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने उन्हें पकड़ लिया। उसने एक बार फिर मौका पाकर भागने का प्रयास किया और बादली रेलवे स्टेशन पहुंच गई। वहां उसने एक महिला से मदद मांगी। उस महिला ने किशोरी को महिला आयोग तक पहुंचा दिया। आयोग की टीम पुलिस के साथ उसकी बहनों की तलाश कर रही है।