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डिजिटल यूनिवर्सिटी से शिक्षकों की नौकरी पर नहीं आएगा संकट

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नई दिल्ली। डिजिटल यूनिवर्सिटी और ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई के चलते उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की नौकरी पर कोई खतरा नहीं है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का कहना है कि डिजिटल शिक्षा से छात्रों को घर बैठे या नौकरी के साथ उच्च शिक्षा पूरी करने का मौका देना है। इससे शिक्षकों की नौकरी पर कोई संकट नहीं आएगा।
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दरअसल डिजिटल शिक्षा के लिए पीपीपी मोड में शैक्षिक-प्रौद्योगिकी (एड़-टेक) इको सिस्टम बनाया जाएगा। इसमें देशभर के शिक्षक अपने वीडियो-लैक्चर तैयार करके जुड़ सकते हैं। इससे रोजगार की कमी नहीं, बल्कि बढ़ोतरी होगी।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का कहना है कि डिजिटल यूनिवर्सिटी के चलते किसी शिक्षक की नौकरी पर संकट नहीं आने वाला है। तय नियमों के तहत विश्वविद्यालय कितने भी ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई करवा सकेंगे। विश्वविद्यालय और कॉलेज पारंपरिक तरीके से भी पढ़ाई करवाएंगे, उसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं होगा। ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम शुरू करने का मकसद दूर-दराज, आर्थिक या परिवारिक कारणों के चलते बीच में पढ़ाई छोड़ने वालों को डिग्री से जोड़ना है। इससे सकल नामांकन अनुपात में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा छात्रों के पास डिजिटल यूनिवर्सिटी के माध्यम से विदेशी विश्वविद्यालयों की डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई का मौका भी मिलेगा।
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विश्वविद्यालयों के बाद अब कॉलेजों को देंगे ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग डिजिटल शिक्षा के तहत विश्वविद्यालयों के बाद स्वायत्त कॉलेजों को भी ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई का मौका उपलब्ध करवा रही है। अभी तक करीब 50 विश्वविद्यालय ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम व सर्टिफिकेट कोर्स की पढ़ाई करवा रहे थे। दरअसल , नई शिक्षा नीति में वर्ष 2035 तक सकल नामांकन अनुपात 28 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क तीन रैंकिंग में दो बार संबंधित विषय श्रेणी में टॉप 100 लिस्ट में रैंक या नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडेशन काउंसिल में न्यूनतम 3.26 का ग्रेड हासिल करने वाले संस्थान ही ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई करवा सकते थे। इस नियम में यूजीसी संशोधन करने जा रहा है। नए नियम में ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम में दाखिले के लिए सीनियर सेकेंडरी पास होना जरूरी होगा, जबकि स्नातकोत्तर के लिए स्नातक डिग्री की जरूरत होगी।
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