अबू यूसुफ को दिल्ली में तबाही फैलाने के बाद दिल्ली व यूपी में अलग-अलग फिदायीन हमले करने थे। इसके लिए दिल्ली में अबू यूसुफ और यूपी में एक अन्य फिदायीन आतंकी को जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि दूसरा आतंकी कौन है, अभी उसके बारे में पता नहीं चल पाया है।
उसके लिए आत्मघाती हमले में काम आने वाली जैकेट तैयार करने के लिए अबू यूसुफ को कहा गया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अबू यूसुफ से पूछताछ के बाद यह खुलासा किया है। यूपी में फिदायीन हमला कहां होना था इसको लेकर अबू यूसुफ ने कुछ नहीं बताया है, लेकिन शुरुआती जांच के बाद पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि वह जगह अयोध्या हो सकती है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि अफगानिस्तान में बैठे पाकिस्तान निवासी भारत के आमिर (हैंडलर) ने अबू यूसुफ को फिदायीन हमले के लिए दो जैकेट तैयार करने के लिए कहा था। अबू का कहना है कि उसे दूसरे साथी के बारे में कुछ नहीं बताया गया था।
दूसरी तरफ यूपी एटीएस द्वारा जून में पकड़े गए आतंकी एनामुल से अबू यूसुफ का कोई संपर्क सामने नहीं आया है। अबू का कहना है कि वह एनामुल को नहीं जानता। अबू अपने हैंडलर से टेलीग्राम पर कॉलिंग करता था। इसके साथ ही वह भारत में मौजूद आईएस आतंकियों व हैंडलर से चैटिंग भी करता था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अबू से पूछताछ कर दूसरे फिदायीन आतंकी के बारे में पता करने का प्रयास कर रही है।
शालीमार बाग से वर्ष 2018 में चोरी हुई थी बाइक
अबू यूसुफ के कब्जे से जो बाइक बरामद की गई है उसकी पहचान हो गई है। वह बाइक एक नवंबर, 2018 को शालीमार बाग इलाके से चोरी हुई थी। बाइक शालीमार बाग निवासी हिमांशु मिश्रा की है। उन्होंने, जिस दिन बाइक चोरी हुई थी उसी दिन ई-एफआईआर दर्ज करवा दी थी।
टेलीग्राम कॉलिंग कर बाइक के बारे में बताया था
अबू यूसुफ को बाइक धौला कुंआ के पास खड़ी मिली थी। वह बलरामपुर से लखनऊ होते हुए बस से दिल्ली पहुंचा तो उसे दिल्ली में टेलीग्राम कॉल आई थी और कहा गया था कि उसे धौला कुआं के पास बाइक खड़ी मिलेगी। वह ऑटो से धौला कुआं पहुंचा था। वहां उसे बाइक मिली, जिसमें चाबी लगी थी। हालांकि बाइक कौन लेकर आया इस बारे में अबू यूसुफ ने कोई खुलासा नहीं किया था।