दिल्ली-एनसीआर की हवा में गुरुवार को आंशिक सुधार हुआ। इस कड़ी में हवा का स्तर बहुत खराब श्रेणी से खराब श्रेणी में पहुंच गया है। सबसे साफ हवा गाजियाबाद और गुरुग्राम की दर्ज की गई है। अगले 48 घंटों में हवा की दिशा बदलने से इसमें और सुधार की संभावना है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 221 दर्ज किया गया। इसके अलावा फरीदाबाद का 236, गाजियाबाद का 196, गुरुग्राम का 186, ग्रेटर नोएडा का 221 व नोएडा का 242 एक्यूआइ रहा।
सफर इंडिया के मुताबिक, अगले 48 घंटों में हवा की दिशा पूर्व की ओर हो जाएगी। इससे दक्षिण-पश्चिम यानि राजस्थान से आने वाली धूल भरी हवाओं से दिल्ली-एनसीआर को राहत मिलेगी। आगामी दो दिनों तक हवा की स्थिति खराब से औसत श्रेणी में बने रहने की संभावना है।
उमस भरी गर्मी ने बिजली की मांग बढ़ा दी है। दिल्ली अभी पूरी तरह से खुली भी नहीं है। अनलॉक की प्रक्रिया शुरू ही हुई है कि बिजली की पीक डिमांड 6499 मेगावॉट तक पहुंच गई। यह दो साल में सर्वाधिक मांग दर्ज किया गया है। बिजली वितरण कंपनियों ने अनुमान लगाया है कि बिजली की मांग 7900 मेगावॉट तक जा सकती है। जल्द ही पीक डिमांड 7000 मेगावॉट से 7400 मेगावॉट के बीच पहुंचने की संभावना है।
उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए बिजली कंपनियों ने न सिर्फ बिजली की पर्याप्त व्यवस्था की है, बल्कि बिजली की मांग का लगभग सटीक अनुमान लगाने के लिए वह अत्याधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल कर रही है। इसमें मौसम का अनुमान लगाने वाली तकनीक भी शामिल है। लोड का लगभग सटीक अनुमान लगाने में तापमान, बारिश, बादल, हवा की गति, हवा की दिशा और उमस आदि की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस आधार पर अनुमान लगाया गया है कि पीक डिमांड बढ़ेगी।
उल्लेखनीय है 2019 में 2 जुलाई को बिजली की मांग ऑल-टाइम हाई 7409 मेगावॉट पहुंची थी। लेकिन, पिछले साल गर्मियों में लॉक डाउन की वजह से पीक डिमांड में कमी दर्ज की गई और यह सिर्फ 6314 मेगावॉट के आंकड़े को छू पाई। 29 जून 2020 को पिछले वर्ष की पीक डिमांड दर्ज की गई थी।