राजधानी में कोरोना से बढ़ती मौतों के साथ निगम के शमशान घाटों में चिता स्थलों की कमी होती जा रही है। इसको देखते हुए तीनों नगर निगमों ने अपने-अपने शमशान घाटों में अतिरिक्त अस्थायी व्यवस्था करना शुरू कर दी है। वहीं, शमशान की निगरानी के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था की भी शुरुआत की गई है।
उत्तरी निगम के महापौर जय प्रकाश ने बताया कि श्मशान घाटों के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम और केन्द्रीय नियंत्रण कक्ष बनाने के लिए निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इस प्रणाली के माध्यम से उत्तरी दिल्ली नगर निगम के क्षेत्र में सभी छोटे बड़े श्मशान घाटों को इस इंटीग्रेटेड सिस्टम से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि रीयल टाइम मॉनिटरिंग प्रणाली के माध्यम से नागरिक किस श्मशान घाट में शवदाह के लिए कितनी जगह उपलब्ध है, इसकी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इसी तरह की एक इंटीग्रेटेड प्रणाली कब्रिस्तानों के लिए भी बनाने के लिए निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इस प्रणाली के विकसित होने के बाद नागरिकों को इधर- उधर नहीं भटकना पड़ेगा। सभी श्मशान घाटों की जानकारी एक स्थान पर उपलब्ध हो सकेगी।
अगले दो दिनों में 80 अतिरिक्त चिता स्थलों की व्यवस्था
महापौर ने बताया कि रोहिणी सेक्टर 16 के श्मशान घाट में कोरोना मृतकों के शवदाह के लिए 30 अतिरिक्त प्लैटफ़ॉर्म और पश्चिम विहार स्थित शमशान घाट में कोरोना मृतकों के शवदाह के लिए 50 अतिरिक्त प्लैटफ़ॉर्म अगले दो दिन में तैयार कर दिए जाएंगे। इसके अलावा सबसे बड़े निगमबोध घाट में पहले से ही 20 से अधिक चिताओं को संरक्षित किया गया है।
पूर्वी निगम में 44 अतिरिक्त चिताओं की हो रही व्यवस्था
पूर्वी निगम ने भी अपने शमशान घाटों में अतिरिक्त चिताओं को बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसके तहत गाजीपुर शमशान में 24, गीता कॉलोनी में 10 व सीमापुरी में भी 10 अतिरिक्त चिताएं बनाई जा रही हैं। निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोरोना से लगातार हो रही मौतों की वजह से निगम के शमशान घाटों में जगह की कमी हो रही है। इसको देखते हुए निगम ने खाली जगहों पर अस्थायी चिताएं बनाना शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि अगले दो दिनों के भीतर अतिरिक्त चिताएं भी बनकर तैयार हो जाएंगी।
दक्षिणी निगम में अतिरिक्त 289 चिताएं संरक्षित
दक्षिणी निगम ने भी अपने शमशान घाटों में कुल 289 चिताओं कोविड शवों के लिए संरक्षित किया है। इसमें से 60 सीएनजी व 229 लकड़ी की चिताएं तैयार की गई हैं। सबसे अधिक चिताओं की संख्या 80 पंजाबी बाग में है। इसके अलावा हस्तसाल में 40, सुभाष नगर में 32, लोधी रोड में 40, सराय काले खां में 26, लालकुआं में 30, आइटीओ कब्रिस्तान में करीब 150, द्वारका सेक्टर 24 में 23 व ग्रीन पार्क में 18 चिताएं तैयार की गई हैं।