उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा की घटना, गोताखोरों ने निकाला शव
चार बहनों का इकलौता भाई था सूरज, पुलिस कर रही मामले की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में मूर्ति विसर्जन पर पूरी तरह रोक है, इसके बावजूद लोग बाज नहीं आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को मूर्ति विसर्जन के दौरान एक युवक यमुना में डूब गया। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग के अलावा बोट क्लब के गोताखोर मौके पर पहुंच गए। काफी मशक्कत के बाद युवक का शव बरामद कर लिया गया।
मृतक की शिनाख्त सूरज (19) के रूप में हुई है। पुलिस ने छानबीन के बाद सूरज का शव पोस्टमार्टम के लिए जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया है। पुलिस परिवार से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। सूरज की मौत के बाद से उसके परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। वह चार बहनों का इकलौता भाई था। पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से पीलीभीत, यूपी का रहने वाला सूरज परिवार के साथ किराए के मकान में ब्रह्मपुरी इलाके में रहता था। परिवार में पिता भगवान दास, मां शकुंतला देवी के अलावा दो शादीशुदा और दो अविवाहित बहनें हैं। सूरज गांधी नगर में कपड़े की दुकान पर काम करता था। रिश्तेदार मनोज ने बताया कि उसने गली वालों की मदद से घर के पास भगवान गणेश की चौकी लगाई थी। बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे वह मूर्ति विसर्जन के लिए यमुना साढ़े तीन पुश्ता पर पहुंचा। इसके साथ परिजनों के अलावा पड़ोसी व दूसरे लोग भी मौजूद थे। नाचने-गाने के दौरान अचानक गहरे पानी में जाने से वह डूब गया। मामले की सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। बोट क्लब इंचार्ज हरीश कुमार पांच गोताखोरों के साथ पहुंचे। पानी से शव को निकालकर मोर्चरी भेज दिया गया।
परिजनों के सामने ही डूब गया सूरज
बृहस्पतिवार को सभी खुशी-खुशी नाच-गा रहे थे। इसी दौरान सूरज गहरे पानी में डूबने लगा। परिजनों ने उसे बचाने की गुहार लगाई, लेकिन वहां मौजूद किसी को भी तैरना नहीं आता था। देखते ही देखते वह डूब गया। बचाव दल वहां पहुंचा तो परिवार नदी किनारे बैठकर रो रहा था। एक रिश्तेदार ने बताया कि सूरज काफी धार्मिक था। हर साल वह भगवान गणेश की चौकी स्थापित करता था।