राजधानी के मुंडका इलाके में मामूली पर दिल दहला देने वाली वारदात हुई। नींद में खलल डालने से मना करने पर पड़ोसी ने एक युवक को पहली मंजिल से फेंक दिया। नीचे गिरकर सिर में गंभीर चोट लगने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने युवक की मां के बयान पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी अंतर्गत धर्माखेड़ा का रहने वाला दीपक (22) बड़े भाई मनोज और मां गीता के साथ मुंडका गांव में रहता था। दोनों भाई मायापुरी स्थित एक फैक्टरी में काम करते थे। गीता ने पुलिस को बताया कि दीपक के पैर में फोड़ा हो गया था। इसलिए वह एक सप्ताह से फैक्टरी नहीं जा रहा था। 8 जुलाई की शाम मनोज फैक्टरी चला गया। रात में दीपक छत पर सोने चला गया।
पड़ोसी डब्बू भी छत पर सोने गया। करीब 11 बजे डब्बू ने पड़ोस के लड़के को आवाज लगाकर पानी मंगवाया। डब्बू के तेज आवाज में बोलने से दीपक की नींद खुल गई। उसने डब्बू से कहा कि शोर मचाने से उसकी नींद में खलल पड़ रहा है। इस बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई।
आरोप है, डब्बू ने दीपक को पहली मंजिल से धक्का देकर नीचे फेंक दिया। नीचे दीपक की मां सो रही थी। उसके शोर मचाने पर आसपास के लोग आ गए और पुलिस को सूचना दी। इस बीच आरोपी फरार हो गया।
पुलिस ने दीपक को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई। पुलिस ने छानबीन के बाद बताया कि डब्बू भी लखीमपुर खीरी के वाईकुआ गांव का रहने वाला है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।