बारहवीं के पुनर्मूल्यांकन रिजल्ट में हुई देरी से अटके थे दाखिले, जल्द शुरू होगी पंजीकरण प्रक्रिया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉन-कॉलेजिएट वूमेन्स एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले का इंतजार अब जल्द खत्म होगा। दरअसल डीयू के नियमित कॉलेजों के स्नातक प्रोग्राम में दाखिले के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हुए पांच दिन हो चुके हैं लेकिन अब तक एनसीवेब में स्नातक प्रोग्राम की दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
डीयू प्रशासन इसके लिए बारहवीं कक्षा के पुनर्मूल्यांकन रिजल्ट का इंतजार कर रहा था। अब जब सीबीएसई की ओर से लगभग 99 फीसदी पुनर्मूल्यांकन के रिजल्ट जारी कर दिए गए हैं, ऐसे में प्रशासन एनसीवेब की दाखिला प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करने की तैयारी कर रहा है। डीयू दाखिला डीन प्रो हनीत गांधी ने कहा कि अब तक हमने एनसीवेब की दाखिला प्रक्रिया को शुरू नहीं किया था क्योंकि हम बारहवीं के पुनर्मूल्यांकन के रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे। अब हम जल्द से जल्द दाखिला प्रक्रिया को शुरू कर देंगे।
इस वर्ष बड़ी संख्या में छात्राओं ने अपने अंकों के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है। ऐसे में यदि पुराने अंकों के आधार पर कट ऑफ जारी की जाती है तो पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक बढ़ने वाली छात्राओं के साथ अन्याय हो सकता है। इसी कारण विश्वविद्यालय अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहा है। दाखिला प्रक्रिया शुरू होने में देरी के कारण छात्राओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। छात्राएं लगातार एनसीवेब की दाखिला प्रक्रिया को लेकर सवाल कर रही हैं। मालूम हो कि एनसीवेब में दिल्ली में निवास करने वाली छात्राएं ही प्रवेश ले सकती हैं। यहां नियमित कॉलेजों की तरह रोजाना कक्षाएं नहीं होतीं बल्कि सप्ताहांत और अवकाश के दिनों में पढ़ाई कराई जाती है। इसी कारण से नौकरी करने वाली, पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभा रहीं छात्राओं के लिए जो किसी कारण से नियमित कॉलेज नहीं जा पातीं, उनके लिए एनसीवेब का विकल्प महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां दाखिले 12वीं के अंकों के आधार पर तैयार होने वाली कट ऑफ सूची से होते हैं। दाखिले के लिए चार से पांच कट ऑफ जारी की जाती है।