पीडब्ल्यूडी की फ्लाईओवर गोद लेने की योजना के तहत छह फ्लाईओवर को इंडिया ऑयल और डायल को सौंपा जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में जल्द ही कई प्रमुख फ्लाईओवरों के नीचे का इलाका पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। जिन स्थानों पर अभी अव्यवस्था, अतिक्रमण और असुरक्षित माहौल देखने को मिलता है, वहां आने वाले दिनों में बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, हरियाली से भरपूर छोटे–छोटे गार्डन, सुव्यवस्थित पार्किंग और साफ–सुथरा सार्वजनिक स्थल विकसित किया जाएगा।
यह पहल दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा चलाई जा रही फ्लाईओवर गोद लेने की योजना का हिस्सा है, जिसके तहत निजी कंपनियां अपनी कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी गतिविधियों के माध्यम से इन स्थानों को संवारेंगी। अधिकारियों के अनुसार, पीडब्ल्यूडी दक्षिणी दिल्ली स्थित छह फ्लाईओवरों को भारतीय तेल निगम लिमिटेड (आईओसीएल) और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। इन कंपनियों को फ्लाईओवरों के नीचे के हिस्सों की मरम्मत, सौंदर्यीकरण, सफाई और छोटे–बड़े उपयोगी क्षेत्रों के विकास की जिम्मेदारी दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, पीडब्ल्यूडी ने आईओसीएल के साथ तीन साल का समझौता किया है। इस अवधि में कंपनी अपने खर्च पर संबंधित क्षेत्रों को विकसित करेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए सरकार को कोई राशि नहीं देनी होगी। वहीं पीडब्ल्यूडी ने डायल के साथ भी एक समझौता किया है, जिसके तहत उत्तरी दिल्ली में वीर बंदा बैरागी मार्ग का है।
योजना के तहत चिराग दिल्ली, पंचशील फ्लाईओवर, आईआईटी दिल्ली के पास का फ्लाईओवर, अरबिंदो रोड, पंजाबी बाग और मुकरबा चौक फ्लाईओवर सौंपा गया है। इन सभी स्थानों के नीचे सूचनात्मक साइनबोर्ड, हरियाली, फिटनेस क्षेत्र, बच्चों के खेल कोने और छोटे सार्वजनिक उपयोगिता स्थल विकसित किए जा सकते हैं। कई जगहों पर अनियंत्रित पार्किंग एवं अव्यवस्था के कारण असुरक्षित स्थिति रहती है, जिसे सुधारना इस नीति का मुख्य उद्देश्य है। योजना के तहत सरकार इन क्षेत्रों को व्यवस्थित करने से पहले अतिक्रमण, अस्थायी झुग्गियों, बेघर लोगों और भीख मांगने वालों को हटाने की भी योजना बना रही है। अधिकारियों का कहना है कि इन लोगों का पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था सामाजिक कल्याण विभाग और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर की जाएगी, ताकि फ्लाईओवरों के नीचे सुरक्षित और स्वच्छ सार्वजनिक स्थान बनाए जा सकें।