पोंजी स्कीम में पैसा लगाने पर 18 से 24 माह में 200 फीसदी रिटर्न का झांसा देकर 5 करोड़ की ठगी करने वाले एक कंपनी के प्रबंध निदेशक ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में आत्मसमर्पण कर दिया। ईओडब्ल्यू ने आरोपी आदर्श नगर निवासी संजीव उपाध्याय (39) को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी के एक सहयोगी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
ईओडब्ल्यू के संयुक्त आयुक्त डॉ. ओपी मिश्रा ने बताया कि बीते अगस्त में 130 लोगों ने ठगी की शिकायत दी थी। शिकायत के मुताबिक संजीव उपाध्याय और अरुण अग्निहोत्री ग्रेट इंडिया एक्सपो नाम से एक फर्म चलाते थे। फर्म में निवेश करने पर 200 फीसदी रिटर्न देने का आश्वासन दिया गया था। मासिक आधार पर पैसे वापस करने के झांसे में आकर लोगों ने फर्म में करीब 5 करोड़ रुपये का निवेश कर दिया। बड़ी रकम जुटाने के बाद आरोपी कार्यालय बंद कर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
आरोपियों के बैंक खातों की जांच में पता चला कि संजीव उपाध्याय ने खातों से करोड़ों रुपये निकाले हैं। गैर बैकिंग पर्यवेक्षण विभाग ने पुष्टि की कि ग्रेट इंडिया एक्सपो फर्म को जनता से पैसे इकट्ठा करने व ऐसी कोई योजना चलाने के लिए अधिकृत ही नहीं किया गया है। जांच में यह भी पता चला कि दोनों आरोपी राजधानी कॉलेज में सहपाठी थे। मामले की छानबीन करने के बाद पुलिस ने पिछले अगस्त को अरुण अग्निहोत्री को गिरफ्तार कर लिया। जबकि संजीव उपाध्याय तफ्तीश में शामिल नहीं हुआ। पुलिस ने दिल्ली व अन्य जगहों पर उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। सभी कानूनी विकल्प आजमाने के बाद आरोपी ने बुधवार को आत्मसमर्पण कर दिया।
रूस और उजबेकिस्तान में आयोजित करते थे प्रदर्शनी
आरोपी की कंपनी रूस और उजबेकिस्तान में प्रदर्शनी आयोजित करती थी। आरोपी कुछ स्टालों में खुद सजावट का सामान बेचते थे जबकि अन्य स्टालों को किराए पर देते थे। कंपनी की ओर से आयोजित की जाने वाली तमाम प्रदर्शनी का ब्रोशर तैयार किया गया था। साथ ही आयोजित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों, पुरस्कारों की जानकारी देने वाली वेबसाइट बनाई गई थीं। इन सामग्रियों का उपयोग निवेशकों को आकर्षित करने के लिए किया जाता था।