11 महीने का रिपोर्ट कार्ड पेश कर विकसित दिल्ली का रोडमैप रखा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मॉडल टाउन स्थित छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। उन्होंने अपनी सरकार के 11 महीने के कार्यकाल का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन 2047 के अनुरूप विकसित दिल्ली के निर्माण का संकल्प दोहराया। समारोह के दौरान कर्तव्य के प्रति निष्ठा और असाधारण साहस का परिचय देने वाले दिल्ली पुलिस, फायर सर्विस और अन्य विभागों के जवानों को सम्मानित भी किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत गणतंत्र दिवस की शुभकामनाओं के साथ करते हुए कहा कि 26 जनवरी भारत के आत्मसम्मान, लोकतांत्रिक चेतना और पूर्ण स्वराज का प्रतीक है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों और संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर को विशेष रूप से स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 को राष्ट्रीय स्मृतियों और प्रेरणाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण वर्ष बताते हुए कहा कि यह गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ, पंडित मदन मोहन मालवीय की 165वीं, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती, अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती, ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का स्मरण काल है।
दिल्ली के इतिहास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहर केवल इमारतों का समूह नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का प्रतिबिंब है। बीते 11 महीनों में सरकार ने वर्षों से जमी प्रशासनिक अव्यवस्था को दूर कर संविधानिक मूल्यों और सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के तहत जनकल्याणकारी फैसले लिए हैं। गरीब कल्याण और स्वास्थ्य क्षेत्र पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राजधानी में 50 अटल कैंटीन शुरू की गई हैं, जहां पांच रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए आयुष्मान भारत, डिजिटल हेल्थ सिस्टम, आभा आईडी, ऑनलाइन ओपीडी, नए अस्पताल ब्लॉक, एम्बुलेंस और चिकित्सा कर्मियों की नियुक्ति की गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट का 21 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा को समर्पित किया गया है। दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट-2025 के जरिए निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाई गई है। सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, लैब और खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। नरेला में 1300 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन हब और मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति व मुफ्त लैपटॉप योजना को उन्होंने दिल्ली को ज्ञान और नवाचार की राजधानी बनाने की दिशा में अहम कदम बताया। इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कैपिटल एक्सपेंडिचर को दोगुना किया गया है। अगले तीन वर्षों में दिल्ली की सार्वजनिक बसों को 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बनाने, 11 हजार ई-बसें जोड़ने, मेट्रो नेटवर्क को 500 किमी तक विस्तार और ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने का लक्ष्य तय किया गया है।