खराब दिनचर्या व समय पर नाश्ता न करना सेहत के लिए खतरनाक है। अपनी इस आदत के साथ बीते तीन माह में आकाश अस्पताल में 50 से अधिक युवा पहुंचे हैं। जांच करने पर डॉक्टरों ने पाया कि खराब आदत के कारण सभी युवा टीबी बीमारी से पीड़ित हो गए थे, लेकिन बीमारी को लेकर उन्हें पहले कभी महसूस नहीं हुआ।
हाल ही में अस्पताल में 29 वर्षीय महिला अपराजिता शर्मा (बदला हुआ नाम) पहुंची। उन्हें लॉकडाउन के दौरान फिल्में देखने और सुबह तीन से चार बजे सोने की आदत हो गई थी। उनका दिन दोपहर 12 बजे के बाद शुरू होता था। तीन महीने से ज्यादा समय तक यह सिलसिला जारी रहा। लॉकडाउन के कारण व्यायाम न करने के कारण उन्होंने इसकी भरपाई के लिए नाश्ता करना छोड़ दिया। उन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं थी। लेकिन, दिनचर्या में बदलाव के कारण उन्हें भूख कम लगती थी। हल्का बुखार, शरीर में दर्द और खांसी के साथ-साथ सांस लेने में तकलीफ हुई तो आकाश अस्पताल पहुंची।
वरिष्ठ कंसलटेंट डॉ. अक्षय बुद्धराजा ने कहा कि हमारे पास आने वाले टीबी से पीड़ित युवाओं की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। ज्यादातर मामले में पीड़ित स्वस्थ रहते हैं। मरीजों को पिछले कुछ महीनों में लक्षण दिखने के बाद टीबी का पता चला है। हमने पाया है कि ज्यादातर समय खराब दिनचर्या और पर्याप्त नींद न ले पाने के कारण टीबी हो रही है। कई लोग विशेषज्ञों की सलाह के बगैर उपवास रख रहे थे। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हुई, जिससे टीबी जैसी बीमारियां होने लगी।