पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह सातवीं कक्षा तक पढ़ा है। इसके परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं। पहले वह टैक्सी चलाता था। इसकी वजह से उसका गुजारा भी नहीं चल रहा था। आरोपी ने अपने बच्चों को बढ़िया कांवेंट स्कूल में पढ़ाने और एशो-आराम की जिंदगी बिताने के लिए शराब तस्करी का रास्ता चुन लिया।
अपने बच्चों को कांवेंट स्कूल में पढ़ाने के लिए एक टैक्सी चालक शराब तस्कर बन गया। पुलिस से बचने के लिए आरोपी लग्जारी गाड़ी में हरियाणा से शराब तस्करी कर दिल्ली लाता था। इसके बाद उसे दिल्ली के शराब माफिया को बेच देता था। आरोपी की पहचान निजामुद्दीन, दिल्ली निवासी शाकिर (42) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक एसएक्स-4 गाड़ी के अलावा 1350 क्वार्टर शराब भी बरामद की है। वर्ष 2019 में भी आरोपी इसी तरह बलेनो गाड़ी में शराब तस्करी करते हुए पकड़ा गया था। उत्तरी जिले के स्पेशल स्टाफ पुलिस शकिर से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
विज्ञापन
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि सोमवार दोपहर को जिले के स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली कि एक शराब तस्कर बर्फखाना, सब्जी मंडी इलाके में आने वाला है। सूचना के बाद फौरन एक टीम बनाकर छानबीन शुरू कर दी गई। पुलिस ने तीस हजारी कोर्ट के पास वाहनों की जांच शुरू कर दी। मुखबिर के इशारे पर पुलिस ने एक एसएक्स-4 कार को रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोपी ने पुलिस को देखते ही फरार होने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को काबू कर लिया। कार की तलाशी लेने पर उसमें 27 पेटी शराब (1350 क्वार्टर) शराब बरामद हुई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह हरियाणा के गुरुग्राम से शराब तस्करी कर दिल्ली लाया था।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह सातवीं कक्षा तक पढ़ा है। इसके परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं। पहले वह टैक्सी चलाता था। इसकी वजह से उसका गुजारा भी नहीं चल रहा था। आरोपी ने अपने बच्चों को बढ़िया कांवेंट स्कूल में पढ़ाने और एशो-आराम की जिंदगी बिताने के लिए शराब तस्करी का रास्ता चुन लिया। आरोपी ने दो लाख रुपये कर्जा भी लिया हुआ था। उसे भी उसने शराब तस्करी के माध्यम से उतारा। आरोपी ने दावा किया है कि वह करीब 100 बार से अधिक शराब तस्करी कर दिल्ली में ला चुका है।