सुप्रीम कोर्ट ने यमुना नदी में प्रदूषण पर स्वत: संज्ञान लेते हुए हरियाणा की भाजपा सरकार को नोटिस जारी किया है। इससे पहले दिल्ली जल बोर्ड ने हरियाणा सरकार पर यमुना नदी में दूषित जल छोड़ने का आरोप लगाया है।
चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की पीठ दिल्ली जल बोर्ड की एक याचिका पर सुनवाई कर रही है। जल बोर्ड ने याचिका में आरोप लगाया गया है कि पड़ोसी राज्य अमोनिया की अत्यधिक मात्रा वाला दूषित जल यमुना नदी में छोड़ रहा है, जो क्लोरीन के साथ मिलने पर स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक बन जाता है।
पीठ ने कहा, हम बगैर किसी बहस के नोटिस जारी कर रहे हैं। हम समूची यमुना में प्रदूषण के मामले का स्वत: संज्ञान ले रहे हैं। पीठ ने जानना चाहा कि यमुना के जल में प्रदूषक कम करने के लिए उन्हें क्या करना चाहिए। साथ ही अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा को इस मामले में न्याय मित्र नियुक्त किया है।