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धर्मांतरण मामले को ट्रांसफर करने से सुप्रीम कोर्ट ने का इनकार, खारिज की यूपी सरकार की याचिका

Mon, 25 Jan 2021 08:43 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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फाइल फोटो - फोटो : पीटीआई
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अवैध धर्मांतरण से संबंधित मामले को अपने पास हस्तांतरित करने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ट्रांसफर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। 
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पीठ ने कहा, हम हाईकोर्ट को नहीं रोकेंगे। हमें भी हाईकोर्ट के फैसले का फायदा मिलना चाहिए। अगर हाईकोर्ट इन मामलों का निपटारा करना चाहता है तो हमें क्यों दखल देना चाहिए?

सीजेआई बोबडे ने कहा, हमने नोटिस जारी कर रखा है, इसका मतलब यह नहीं है कि हाईकोर्ट को इन मामलों का निपटारा नहीं करना चाहिए। हाईकोर्ट भी सांविधानिक अदालत है। वहीं, यूपी सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील पीएस नरसिम्हा ने पीठ से कहा, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में एक ही तरह के मामले पर विचार किया जा रहा है। 
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ऐसे में बेहतर होगा कि सुप्रीम कोर्ट ही इस मामले पर विचार करे। हाईकोर्ट में सुनवाई की अगली तारीख दो फरवरी है। दोनों जगह इस मसले पर सुनवाई होने से भ्रम की स्थिति रहेगी। जवाब में पीठ ने कहा, हाईकोर्ट इस मामले पर विचार कर रहा है तो हमें इस मामले पर सुनवाई क्यों करनी चाहिए? बेहतर होगा कि जब हमारे पास सुनवाई हो तो हाईकोर्ट का फैसला हमारे सामने हो। इलाहाबाद हाईकोर्ट को इस मामले का निपटारा करने दिया जाए। 
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धर्मांतरण कानून पर यूपी सरकार को जारी किया था नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने छह जनवरी को अंतर-धर्म विवाहों को विनियमित करने और धर्मांतरण की घटनाओं पर लगाम कसने के मद्देनजर लाए गए उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन निषेध अध्यादेश, 2020 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया था। 

दरअसल, यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर अदालत को सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देने की जानकारी दी। उसने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने तक हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई स्थगित किए जाने की भी अपील की। सरकार ने कहा चूंकि सुप्रीम कोर्ट पहले ही मामले का संज्ञान ले चुकी है और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चुका है, ऐसे में हाईकोर्ट के लिए सुनवाई जारी रखना उचित नहीं होगा।
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