पुरुषोत्तम वर्मा
नई दिल्ली। वसंतकुंज (नार्थ) इलाके में कॉल सेंटर लूटने के मामले में तीन सिपाहियों की गिरफ्तारी पर पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव बहुत नाराज हैं। उन्होंने बताया कि सिपाहियों के थानाध्यक्ष व इंस्पेक्टर सभी की जवाबदेेही तय की जाएगी। इन्हें नोटिस देकर पूछा जा रहा है कि उनका सुपरविजन ठीक क्यों नहीं था। वह मानते हैं कि सिपाहियों तक सुपरविजन थानाध्यक्ष व इंस्पेक्टर का होता है न कि डीसीपी का।
दिल्ली पुलिस आयुक्त श्रीवास्तव ने बताया कि कॉल सेंटर में लूट का मामला जब उनके संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने तुरंत एफआईआर दर्जकर सिपाहियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। तीनों सिपाहियों को गिरफ्तार करने के तुरंत बाद निलंबित कर दिया था। अब तीनों आरोपियों को नौकरी से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वह थानाध्यक्ष मालवीय नगर, इंस्पेक्टर स्पेशल सेल व वसतकुंज (नार्थ) थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर रहे हैं। उनसे पूछा जाएगा कि उनकी जवाबदेही क्यों तय नहीं किया जाए। आखिर उनका सुपरविजन ठीक क्यों नहीं था। सिपाही मनु शर्मा व अमित मालवीय नगर थाने में सिपाही थे, जबकि सिपाही संदीप स्पेशल सेल की साउथ-वेस्टर्न रेंज में तैनात था।
सिपाही अमित ने वारदात से तीन दिन पहले लालकिले पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा ड्यूटी के लिए मालवीय नगर थाने में रवानगी कर रखी थी। सिपाही मनु वारदात वाले दिन मालवीय नगर थाने में ड्यूटी पर था और पेट्रोलिंग में उसकी ड्यूटी लगी हुई थी। वहीं, सिपाही संदीप बाहर खाने-पीने की बात कहकर अपने ऑफिस से निकला था।