नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में विभिन्न कोर्सेज में जारी दाखिलों में पुराने ओबीसी और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों को लेकर प्रशासन ने छात्रों को बड़ी राहत प्रदान की है। अब कोटे के छात्रों का दाखिला पुराने प्रमाणपत्रों के आधार पर ही हो जाएगा। हालांकि इसके लिए नए प्रमाणपत्र के आवेदन की रसीद देने की शर्त लगाई गई है। इसके साथ ही एक निश्चित समय में नए प्रमाणपत्र को देने का शपथ पत्र भी छात्रों को देना होगा। इस संबंध में डीयू की ओर से कॉलेजों को लिखित में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
डीयू में पहली कटऑफ के दाखिले के पहले दिन से ही यह शिकायतें आ रही थीं कि कॉलेज ओबीसी के पुराने प्रमाणपत्र के आधार पर दाखिला नहीं दे रहे हैं। इस मामले को लेकर सोमवार को डीयू के अकादमिक काउंसिल के सदस्य डॉ. सुधांशु कुमार ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि जब पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है, ऐसे में ओबीसी प्रमाणपत्र नहीं होने पर उन्हें दाखिले से वंचित करना गलत है।
मामला बढ़ने के बाद डीयू ने कॉलेजों को निर्देश जारी कर कहा है कि ऐसी जानकारी मिल रही है कि कॉलेज छात्रों से नए प्रमाणपत्र मांग रहे हैं। डीयू दाखिला शाखा की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर के छात्रों को दाखिले में बीते तीन साल के आय के प्रमाणपत्र का 31 मार्च 2020 तक का प्रमाणपत्र देना है, ऐसे ही ईडब्ल्यूएस कोटे के छात्रों को देना है। यदि छात्र के पास पुराना प्रमाणपत्र है तो उन्हें नए प्रमाणपत्र के आवेदन की रसीद की स्वप्रमाणित कॉपी और शपथ पत्र कॉलेज में देना होगा। शपथ पत्र का फॉर्मेट भी भेजा गया है। यदि किसी भी प्रकार का दस्तावेज फर्जी पाया गया तो छात्र का दाखिला रद् कर दिया जाएगा। कॉलेज खुलने पर जब छात्र कॉलेज पहुंचेंगे, तब दस्तावेज की ऑफलाइन जांच होगी।