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Good News : ट्रेनों की बढ़ेगी रफ्तार, मानवीय भूल से होने वाली दुर्घटनाएं भी होंगी कम

Fri, 06 Jan 2023 07:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

उत्तर भारत के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब दिल्ली से पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन के सिंगल व डबल लाइन पर भी ज्यादा से ज्यादा ट्रेनें सुरक्षित चल सकेंगी।
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विस्तार
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उत्तर भारत के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब दिल्ली से पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन के सिंगल व डबल लाइन पर भी ज्यादा से ज्यादा ट्रेनें सुरक्षित चल सकेंगी। इतना ही नहीं, मुंबई से दिल्ली और फिर इससे आगे दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन तक पूरी रफ्तार से ट्रेनें सुरक्षित चलेंगी।

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दरअसल, रेलवे ने गाजियाबाद से दीनदयाल स्टेशन के पूरे ट्रैक (762 किलोमीटर) पर मैकेनिकल इंटरलॉकिंग की जगह इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का काम पूरा कर लिया है। दिल्ली-अंबाला के बीच भी ट्रैक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से लैस है। साथ ही रेलवे दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा के बीच भी 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए रेलवे ट्रैक, ट्रैक के किनारे फेंसिंग और कंस्ट्रक्शन का काम तेजी से कर रहा है।

इससे मुंबई से हावड़ा तक के ट्रैक पर पूरी रफ्तार से ट्रेनों का सुरक्षित संचालन संभव हो सकेगा। रेलवे मौजूदा उच्च घनत्व वाले मार्गों पर और अधिक ट्रेन चलाने के लिए लाइन क्षमता को बढ़ा रहा है। इसके तहत स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग (एबीएस) के लिए मिशन मोड पर काम चल रहा है। अभी तक 3,706 रूट किलोमीटर तक एबीएस की सुविधा है और 2,888 स्टेशनों को अभी तक मैकेनिकल इंटरलॉकिंग की जगह इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से लैस कर दिया गया है। रेलवे का यह सबसे लंबा स्वचालित ब्लाक सिग्नलिंग खंड भी बन गया है। 
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क्या होगा फायदा
इस सिग्नलिंग सिस्टम के तहत अब स्टेशन मास्टर ही सभी ट्रेनों के रूट को सेट कर देगा और वहीं से कंट्रोल करेगा। उदाहरण के लिए अगर बठिंडा से दिल्ली के बीच सिंगल रेल लाइन है तो उस सेक्शन में 40-50 ट्रेनें ही चल सकती हैं। लेकिन डबल लाइन है और इलेक्ट्रॉनिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस है तो अनलिमिटेड ट्रेन सुरक्षित तरीके से चल सकेंगी। ट्रेनों का संचालन भी सुरक्षित हो जाएगा। मानव संसाधन में भी कमी आएगी और गलतियां कम होंगी। ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी तो ट्रैक पर ज्यादा ट्रेनें दौड़ सकेंगी। 

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