दिल्ली पुलिस की स्पेशल ने मुठभेड़ के बाद नीटू दबोदिया गैंग के कुख्यात बदमाश इमरान उर्फ राजेश को दबोचा है। मुठभेड़ के दौरान बदमाश टांग में गोली लगने से जख्मी हो गया जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। दोनों ओर से हुई फायरिंग में एक गोली दिल्ली पुलिस के सिपाही की बुलेट प्रूफ जैकेट पर भी लगी।
मुठभेड़ के बाद पकड़े गये बदमाश गांव सिलाना, सोनीपत, हरियाणा निवासी इमरान उर्फ राजेश (35) की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। उसने पूछताछ में बताया कि वह राजेश बवाना, नीटू दाबोदिया, अशोक प्रधान और राजेश धुरमुट जैसे गैंगस्टरों के साथ काम कर चुका है। पुलिस को मकोका, हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के अलावा करीब 13 मामलों में राजेश की तलाश थी। राजेश के पास से .32 बोर की एक पिस्टल व 7 कारतूस बरामद हुए।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त पीएस कुशवाहा ने बताया कि पिछले काफी समय से पुलिस इमरान उर्फ राजेश की तलाश कर रही थी। 2019 में राजेश व उसके साथियों ने सुल्तानपुरी के कारोबारी से रंगदारी मांगी थी। रुपये न देने पर आरोपियों ने कारोबारी पर गोली चला दी थी। घटना के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
इस बीच शनिवार शाम को स्पेशल सेल की टीम को सूचना मिली कि राजेश शाहबाद-दौलतपुर गांव में छिपा हुआ है। सूचना के बाद शाम 4.00 बजे एसीपी अतर सिंह, इंस्पेक्टर शिवकुमार और कर्मवीर सिंह की टीम ने मकान को घेर लिया। पुलिस ने राजेश से सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन उसने गोली चला दी। एक गोली सिपाही महेश की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी जिसके बाद पुलिस की ओर से जवाबी कार्रवाई में दो राउंड गोलियां चलाई गईं। एक गोली राजेश की सीधी टांग में लगी जिसके बाद उसे काबू कर लिया गया।