मॉनसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर 75 साल पुरानी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अविश्वास का आरोप लगाया। साथ ही, राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा परिसीमन बिल लाने के लिए अत्यधिक बेताब है। उन्होंने सवाल किया कि देश की लोकतांत्रिक प्रणाली पर भाजपा को भरोसा क्यों नहीं है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और अखिलेश यादव इस बिल का पहले भी विरोध करते रहे हैं। वे इसे रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। सांसद ने बताया कि महिला आरक्षण बिल तो पहले ही पारित हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि असल मुद्दा महिला आरक्षण का नहीं है। भाजपा इसका इस्तेमाल परिसीमन की प्रक्रिया को उलझाने के लिए करना चाहती है।
परिसीमन बिल पर समाजवादी पार्टी का विरोध
सपा सांसद ने भाजपा की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा को देश की लोकतांत्रिक प्रणाली पर विश्वास नहीं है। समाजवादी पार्टी इस परिसीमन बिल का पुरजोर विरोध करेगी। अखिलेश यादव भी इस बिल के खिलाफ अपनी आवाज उठा चुके हैं। पार्टी इसे किसी भी कीमत पर रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी पर कार्रवाई की मांग
धर्मेंद्र यादव ने राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस घटना से देश और दुनिया भर में सनातन धर्म के अनुयायियों की भावनाएं आहत हुई हैं। सांसद ने मांग की कि इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि दोषियों को उचित दंड मिले।