जागरूकता अभियान का भी यात्रियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। अभी भी भारी संख्या में लोग अवैध हथियार व कारतूसों के साथ एयरपोर्ट पहुंच रहे हैं। ऐसे में लोगों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। आईजीआई एयरपोर्ट डीसीपी राजीव रंजन ने बताया कि जांच में ये बात सामने आई है कि लोग अनजाने व अज्ञानता के चलते एयरपोर्ट पर अवैध हथियारों के साथ आते हैं। ऐसे में लोगों को न केवल परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बल्कि वह समय पर यात्रा करने से भी रह जाते हैं।
डीसीपी राजीव रंजन ने बताया कि वर्ष 2019 में अवैध हथियार व बिना कागजात के हथियार लेकर एयरपोर्ट पहुंचे 109 मामले दर्ज हुए थे और 107 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2020 में अवैध हथियार रखने के 66 मामले दर्ज हुए थे और 66 लोगों को ही गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 के शुरूआती पांच महीनों में यानि एक जनवरी से लेकर 31 मई तक अवैध हथियारों के साथ 34 लोग एयरपोर्ट पहुंचे। ऐसे में अवैध हथियार रखने के 34 मामले दर्ज हुए और 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस वर्ष के शुरूआती पांच महीने में तो काफी दिनों तक हवाई यात्रा बाधित रही थी।
डीसीपी राजीव रंजन का कहना है कि ज्यादातर मामलों में ये देखने में आया है कि लोग अनजाने में अवैध हथियार व कारतूस के साथ एयरपोर्ट पर आते हैं। जैसे किसी ने अपने भाई व पिता का बैग ले लिया और उसमें अपना सामान रखकर यात्रा के लिए निकल पड़े। वह ये नहीं देखते कि बैग में कुछ है या नहीं। बैग में उनके पिता व भाई की लाईसेंसी पिस्टल या कारतूस हो। यात्रा करने वाले शख्स के पास उसके कागजात नहीं होते। ऐसे में उसके खिलाफ मामला दर्ज होता है। कुछ केसों में ये भी देखने में आया है कि लोग अज्ञानता के कारण भी कारतूस लेकर एयरपोर्ट पहुंच गए। जैसे अमेरिका से एक व्यक्ति कारतूस लेकर आईजीआई एयरपोर्ट पहुंच गया। उस व्यक्ति को अमेरिका में कारतूस सड़क पर पड़ा मिला था।