नई दिल्ली। शाहीन बाग में 50 दिन से रास्ता बंद होने के खिलाफ हिंदू सेना के सौ से ज्यादा कार्यकर्ता रविवार को प्रदर्शनस्थल के पास पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें बेरीकेड पर ही रोक दिया। उन्होंने पुलिस से कहासुनी की और यहीं से ‘शाहीन बाग खाली करो’, ‘जय श्री राम’ और ‘देश के गद्दारों को गोली मारो...को’ जैसे नारे लगाए। इन्हें देखकर दूसरी ओर से ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए जाने लगे। इधर हंगामा देखकर रोड बंद होेने से परेशान आसपास की सोसायटियों के दो-ढाई सौ लोग भी उनके समर्थन में पहुंच गए। इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही। काफी देर तक हंगामे के बाद पुलिस ने 60 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान लोगों का कहना था कि रास्ता बंद होने के कारण लाखों लोगों को रोज परेशान होना पड़ रहा है। बाद में पुलिस ने इन्हें रास्ता जल्द खुलवाने का आश्वासन देकर लौटा दिया।
शाहीन बाग प्रदर्शन के विरोध में पहुंची महिलाओं ने कहा कि डेढ़ महीने से रास्ता बंद होने से भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। पानी अब सिर से ऊपर जा चुका है। इसलिए हम सड़क साफ कर रास्ते को दोबारा चालू कराना चाहते हैं। जसोला की एक सोसायटी में रहने वाली आशा देवी ने कहा कि उनके बच्चे अब काफी लंबा रास्ता तय करके स्कूल जाते हैं, रास्ता जाम कर बैठे लोग मजे से बिरयानी का आनंद ले रहे हैं। वे केवल इलाके में अराजकता का माहौल बनाए रखना चाहते हैं। सरिता विहार के रहने वाले अजय शर्मा ने कहा कि पुलिस रास्ता बंद किए बैठे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं करती, जबकि वहां अब पैदल गुजरने वालों को भी रोका जा रहा है। शनिवार को गोली चलने की घटना के बाद तो शाहीन बाग की ओर कड़ी चेकिंग और आईडी कार्ड दिखाने पर ही जाने दिया जा रहा है। धरना खत्म करके सड़क खुलवाई जाए।
इसके बाद, धरना स्थल से करीब 200 मीटर की दूरी पर लोगों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। जोरदार नारेबाजी के बाद बैरिकेड के दूसरी ओर शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा लग गया। दोनों ओर से नारेबाजी का सिलसिला शुरू हो गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बात कर शांति बनाए रखने की अपील की। इसके बाद प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने ‘वंदे मातरम’, ‘जय श्री राम’ जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए। तनाव बढ़ता देख पुलिस कई बसों में भरकर लोगों को शाहीन बाग से दूर ले गई। पुलिस उपायुक्त चिन्मय बिस्वाल ने बताया कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को शाहीन बाग में प्रदर्शनस्थल के आसपास जाने की इजाजत नहीं है। इसके बावजूद कुछ लोग वहां पहुंच गए थे। उन्हें हिरासत में लिया गया है।
महिलाएं बोलीं, इस प्रदर्शन की वजह से गई नौकरी
शाहीन बाग प्रदर्शन के विरोध में पहुंची महिलाओं ने बताया कि वे नोएडा में नौकरी करके अपने परिवार का गुजारा चलाती थीं। यह रास्ता बंद होने की वजह से उन्हेें लंबा चक्कर लगाकर ऑफिस पहुंचना पड़ता था। इसमें कई घंटे की देरी हो जाती थी। इस वजह से ऑफिस के मालिक ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। उनका आरोप है कि कोई बीमार हो जाए तो मरीज को वक्त पर अस्पताल भी नहीं पहुंचाया जा सकता। ऐसे में गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति की मौत तक हो सकती है।
रिंग रोड, मथुरा रोड, डीएनडी पर बढ़ा दबाव
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महत्वपूर्ण रास्ता घेरकर डेढ़ महीने से चल रहे शाहीन बाग धरने के कारण दिल्ली-नोएडा-फरीदाबाद से आने-जाने वाले लाखों लोगों को कई किलोमीटर का चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ रहा है। इस मार्ग के बंद होने के कारण रिंग रोड, मथुरा रोड व डीएनडी पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ गया है। इन मार्गों पर सुबह-शाम जाम लगने के कारण उन्हें रोज घर पहुंचने में काफी देर हो जाती है।