नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के पंजाबी बाग में सोमवार देर रात रेलवे के निर्माणाधीन पुल का एक भारी-भरकम स्लैब (सीमेंट और लोहे का बड़ा गाटर) गिर गया। पुल के नीचे ही खड़े चार ट्रक और टेंपो उसकी चपेट में आ गए। हादसे में एक ट्रक में सो रहे चौकीदार की बुरी तरह कुचलने से मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त राम बहादुर (50) के रूप में हुई है। सुबह बचाव दल को सूचना मिली तो आपदा प्रबंधन, दमकल विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। बड़ी क्रेनों की मदद से कई घंटों की मशक्कत के बाद स्लैब को हटाया जा सका। किसी तरह राम बहादुर के शव को कब्जे में लेकर संजय गांधी अस्पताल की मॉर्चरी भेजा गया। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मूलरूप से फतेहपुर (यूपी) निवासी राम बहादुर परिवार के साथ पंजाबी बाग के अशोक पार्क में रहता था।
पुलिस के मुताबिक, हादसा दया बस्ती रेलवे स्टेशन के पास बन रहे ग्रेड सेपरेटर लाइन पर हुआ। रामपुरा गोल्डन पार्क के पास वर्ष 2014 से रेलवे का एक पुल निर्माणाधीन है, लेकिन किसी वजह से पुल का काम वर्ष 2017 से रुका हुआ है। यहां पुल के नीचे खाली जगह पर रात को ट्रक व टेंपो पार्क होते हैं। ट्रक व टेंपो मालिकों ने राम बहादुर नामक शख्स को रात के समय चौकीदारी का काम दिया हुआ था। देर रात राम बहादुर ट्रक और टेंपो की चौकीदारी करने के बाद किसी भी ट्रक में सो जाता था। बाद में सुबह के समय वह घर पहुंच जाता था। मंगलवार सुबह जब राम बहादुर घर नहीं पहुंचा, तो परिजन उसकी तलाश करते हुए पुल के नीचे पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि पुल का एक बड़ा स्लैब गिरा पड़ा है। चार ट्रक व टेंपो उसकी चपेट में आए हुए हैं। शक होने पर परिजनों ने दबे हुए वाहनों को देखा तो एक ट्रक में राम बहादुर बुरी तरह कुचला हुआ मिला।
पश्चिमी जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के मुताबिक, सुबह 9.38 बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली। इसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। चूंकि रेलवे पुल का स्लैब काफी भारी था। ऐसे में बड़ी-बड़ी क्रेनों को मौके पर बुलाकर दोपहर 12.30 बजे उसे हटाया जा सका। बाद में राम बहादुर का शव निकालकर मोर्चरी भेजा गया।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
सूत्रों का कहना है कि रात करीब 10 बजे पुल का स्लैब गिर गया था। चूंकि इलाका सुनसान था, इसलिए इसका पता नहीं चल पाया। परिजनों का आरोप है कि सुबह जब खुद परिवार पहुंचा, तो उसके बाद ही हादसे की जानकारी हुई। पुलिस बाद में पहुंची और बचाव दल पहले पहुंच गया। परिजनों ने पुलिस पर घटना को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खबर मिलते ही पुलिस सबसे पहले पहुंच गई।