नई दिल्ली। रकाबगंज गुरुद्वारे में अमिताभ बच्चन के सहयोग से कोविड केयर सेंटर शुरू करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर जहां शिरोमणि अकाली दल दिल्ली (बादल गुट) बैक फुट पर आ गया है। वहीं, इस मामले पर सरना गुट व जागो पार्टी ने बादल गुट को लगातार कटघरे में खड़ा करने के साथ ही अकाल तख्त साहिब में भी शिकायत की है।
दिल्ली में एक तरफ कोविड के खिलाफ जंग है तो दूसरी तरफ सियासत भी कम नहीं हो रही। सिख संगठन लगातार एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप मढ़ रहे है। आग में घी का काम किया है कि महानायक अमिताभ बच्चन के दो करोड़ रुपये गुरुद्वारा रकाबगंज में शुरू हुए कोविड केयर सेंटर के लिए देना।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के महासचिव हरमीत सिंह कालका द्वारा 1984 सिख दंगा मामले में अमिताभ बच्चन के खिलाफ सबूत मांगने पर जागो पार्टी ने हैरानी जताई है। साथ ही शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को इस मामले में अपनी पार्टी की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
जागो के प्रधान महासचिव व मुख्य प्रवक्ता परमिंदर पाल सिंह ने कहा है कि कालका ने वही कहा है जो 1984 से कांग्रेसी नेता जगदीश टाइटलर, सज्जन कुमार, कमलनाथ बोलते थे। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान शर्मनाक है। प्रबंधक कमेटी ने 1984 के बाद से 2020 तक अमिताभ बच्चन से कोई दान या सेवा स्वीकार क्यों नहीं की थी? बंगला साहिब डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए 10 करोड़ रुपये लेना भी लालच को दर्शाता है।
उधर, डीएसजीएमसी लीगल सेल के चेयरमैन जगदीप सिंह काहलों व अन्य नेताओं ने कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके व परमजीत सिंह सरना पर घटिया राजनीति करने का आरोप मढ़ा। कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व राजीव गांधी से नजदीकी रखने वाले जीके व कांग्रेस पार्टी का दामन थामने वाले सरना आज अमिताभ बच्चन के मामले पर शिक्षा दे रहे हैं।
उन्होंने पूछा कि पिछले 37 वर्षों के दौरान अमिताभ बच्चन के खिलाफ क्यों नहीं की? सिख मर्यादा को ताक पर रखकर गलत बयानबाजी की जा रही है। कमेटी के सदस्य व सरना गुट के गुरमीत सिंह शंटी ने अकाल तख्त से मांग की है कि प्रबंधक कमेटी के प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा और जनरल सेक्रेटरी हरमीत सिंह कालका को पंथ से निष्कासित करें। दंगा भड़काने वाला पहला भाषण अमिताभ बच्चन ने ही दिया था। ऐसे में सिख कौम को दान स्वीकार नहीं है।
शंटी ने कहा पुरी दुनिया जानती है कि अमिताभ बच्चन ने इंदिरा गांधी की मौत के बाद आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (नई दिल्ली) के बाहर मौजूद भीड़ को भड़काने वाला भाषण दिया था। सोशल मीडिया पर मनजिंदर सिंह सिरसा द्वारा तारीफ करना साजिश है। अकाल तख्त को लिखे गए पत्र में शंटी ने कहा है कि उम्मीद करता हूं कि पत्र को मेरे पहले पत्रों की तरह रद्दी की टोकरी में नहीं फेंका जाएगा। कमेटी के प्रबंधकों के खिलाफ तुरंत करवाई की जानी चाहिए।
वहीं, कमेटी के अध्यक्ष सिरसा ने कहा है कि कोविड के समय कौम की सेवा करना मुख्य उद्देश्य है। राजनीतिक करना कमेटी का उद्देश्य नहीं है। कोरोना संक्रमण खत्म होने के बाद संगत जो कहेगी वहीं करेंगे।