दक्षिण दिल्ली के आया नगर गांव में एक प्लॉट पर कब्जे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब खूनी दुश्मनी में बदल चुका है। कभी पड़ोसी और जिगरी दोस्त रहे अरुण लोहिया और दीपक के बीच पैदा हुई रंजिश में पिछले करीब एक साल में 100 से ज्यादा गोलियां चल चुकी हैं। दिनदहाड़े तीन हत्याएं हो चुकी हैं। अब जिम ट्रेनर विजय कुमार की हत्या ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस को आशंका है कि यह मामला कहीं जितेंद्र गोगी और टिल्लू ताजपुरिया के बीच हुई दुश्मनी की तरह लंबी गैंगवार का रूप न ले ले।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक गोगी और टिल्लू कभी बेहद करीबी दोस्त थे। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एक उम्मीदवार को समर्थन देने को लेकर दोनों में विवाद हुआ। देखते ही देखते दोस्ती दुश्मनी में बदल गई और दोनों ने अपने-अपने गैंग खड़े कर लिए। इसके बाद शुरू हुई गैंगवार में अब तक 22 से 25 लोगों की जान जा चुकी है। सितंबर 2021 में टिल्लू के गुर्गों ने रोहिणी कोर्ट में जितेंद्र गोगी की हत्या कर दी थी। इसके करीब डेढ़ साल बाद मई 2023 में गोगी गैंग से जुड़े हमलावरों ने तिहाड़ जेल में टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर दी।
साकेत कोर्ट से लौटते अरुण पर बरसाई थीं गोलियां
15 मई 2025 को दीपक ने अपने साथियों के साथ अरुण लोहिया को निशाना बनाया। पुलिस के मुताबिक अरुण अपने पिता के साथ साकेत कोर्ट से लौट रहा था। महरौली मेट्रो स्टेशन के पास उसकी कार को रोककर हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अरुण को 10 से 12 गोलियां मारी गईं। उसके पिता भी कार में मौजूद थे, लेकिन हमलावरों ने उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। जांच में सामने आया कि दूसरी कार से आए दीपक के साथ अजय ने सड़क पर वाहन लगाकर ट्रैफिक रोकने में भूमिका निभाई थी। पुलिस अब इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि विजय कुमार की हत्या कहीं अजय को निशाना बनाने के लिए की गई बदले की कार्रवाई तो नहीं है।
पड़ोसी से पार्टनर, फिर बने एक-दूसरे के दुश्मन
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार अरुण लोहिया और दीपक आया नगर गांव के ही रहने वाले थे। दोनों पड़ोसी होने के साथ करीबी दोस्त थे और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम भी साझेदारी में करते थे। इसी दौरान आया नगर में एक प्लॉट पर कब्जे को लेकर दोनों में विवाद हुआ। विवाद बढ़ा तो दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और दोस्ती ने दुश्मनी का रूप ले लिया। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024 में अरुण ने अपने साथियों के साथ दीपक पर हमला किया था। इस हमले में दीपक के हाथ-पैर टूट गए थे और उसे कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। मामले में अरुण के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ और उसे गिरफ्तार किया गया।
इलाके में तनाव, अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात
फायरिंग के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल के साथ एसएसबी की तैनाती की गई है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच में शामिल किया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस हत्या के पीछे के वास्तविक कारण और हमलावरों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
दीपक के पिता रतनलाल बने निशाना
अरुण की हत्या के बाद बदले का अगला निशाना दीपक के पिता रतनलाल बने। नवंबर 2025 में आया नगर में रतनलाल पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हमलावरों ने करीब 72 राउंड फायर किए। रतनलाल ने निजी बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। इस वारदात से पहले रतनलाल ने अपनी जान को खतरा बताते हुए फतेहपुरबेरी थाने में शिकायत भी दी थी। उन्होंने पुलिस को आशंका जताई थी कि उनकी हत्या की जा सकती है।
अब जिम ट्रेनर की हत्या ने जोड़ी नई कड़ी
ताजा वारदात में मारा गया 28 वर्षीय जिम ट्रेनर विजय कुमार, अजय का भाई था। पुलिस के अनुसार अरुण लोहिया की हत्या में अजय की भूमिका सामने आई थी। उसने हमलावरों के लिए ट्रैफिक रोकने में मदद की थी। अब विजय की हत्या के बाद पुलिस इस वारदात को उसी बदले की कड़ी मानकर जांच कर रही है।
कमल के कनेक्शन से बढ़ी चिंता
जांच में फरीदाबाद निवासी अरुण के मामा कमल का नाम भी सामने आया है। कमल फिलहाल जेल में बंद है। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में पिछली दो हत्याओं में उसकी भूमिका की बात सामने आई है। उसके रणदीप भाटी गैंग से संबंध होने की भी जांच की जा रही है। इससे पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आया नगर की स्थानीय दुश्मनी को कहीं बाहरी गैंग का समर्थन तो नहीं मिल रहा। दीपक अभी जेल में बंद है। पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि उसके जेल से बाहर आने के बाद यह खूनी टकराव और तेज हो सकता है। यही वजह है कि पुलिस अब आया नगर की इस दुश्मनी को महज दो परिवारों की रंजिश नहीं, बल्कि गैंगवार के रूप में देख रही है।