नई दिल्ली। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल से मांग की है कि सोमवार से लॉकडाउन में दी जा रही ढील को तर्कसंगत बनाए। व्यापारी ऑड-ईवन के फार्मूले से संतुष्ट नहीं हैं। इसके अलावा बैंक्वेट हॉल, कैटरिंग, रेस्टोरेंट उद्योग को भी कोरोना के सख्त प्रोटोकोल के तहत राहत दी जाए।
बिधूड़ी ने कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार से लॉकडाउन की कुछ शर्तों में जिस तरह की छूट दी है, वह व्यापारियों को रास नहीं आ रही। व्यापारी पहले से ही सरकार से अनुरोध कर चुके थे कि ऑड-ईवन फार्मूला नहीं अपनाया जाए लेकिन इसके बावजूद ऑड-ईवन फार्मूले को ही लागू किया गया है। व्यापारियों की समस्या यह है कि एक ही प्रॉपर्टी में दर्जनों दुकानें हैं।
उधर, पूर्व नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने उपराज्यपाल को पत्र लिखकर दिल्ली के स्कूलों में करोड़ों रुपये के सड़ रहे अनाज की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर दिल्ली के प्रवासी मजदूरों के लिए बाजार भाव पर खरीदा गया ये अनाज बंटने की बजाय सड़ रहा है।
पिछले साल बिना राशन कार्ड वाले प्रवासी मजदूरों को राहत पहुंचाने के लिए लगभग 250 करोड़ रुपये खर्च कर गेहूं, चावल, तेल, दाल, मसाले, चीनी इत्यादि को दिल्ली सरकार ने बाजार भाव पर खरीदा था। इनका भंडारण दिल्ली के स्कूलों तथा कुछ अन्य स्थानों पर किया गया था।
इसका वितरण दिल्ली सरकार द्वारा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक के हस्ताक्षर से जारी किए गए कूपनों के माध्यम से भी किया गया था। विधायकों को प्राप्त कूपन की खाद्य सामग्री जरूरतमंदों में न बांटकर गोदामों में सड़ रही है।
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने दिल्ली के उपराज्यपाल व मेट्रो के कार्यकारी निदेशक मंगू सिंह को पत्र लिखकर मांग की है कि सात जून से जब मेट्रो का संचालन किया जाए तब मेट्रो के सभी गेटों को खोला जाए। मेट्रो गेट बंद होने की वजह से लंबी लाइनें लग जाती हैं। प्रमुख स्टेशनों पर अत्यधिक भीड़ बढ़ जाती है। इस वजह से सोशल डिस्टेंसिंग नहीं हो पाती है।