हमारा समय और रहीम पर हुई संगोष्ठी
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के हिंदी विभाग की ओर से हमारा समय और रहीम विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित हुई। हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नीरज कुमार ने आज के समय में रहीम की प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उनके पुनर्पाठ पर बल दिया। भाषा एवं मानविकी संकाय के डीन प्रो. इक्तेदार मोहम्मद खान ने कहा कि रहीम भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। मगर, आधुनिक वर्गीकृत समाज में हम उन्हें ठीक से पहचान नहीं पा रहे हैं। रहीम की बहुमुखी प्रतिभा, विविध भाषाओं पर अधिकार और उनकी साहित्यिक विशिष्टता उन्हें अद्वितीय बनाती है।