नई दिल्ली। चीन के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा डिजिटल माध्यम से देश की सुरक्षा से जड़ी जानकारियां चीनी एजेंसियों के एजेंटों को पहुंचा रहा था। उसने कई चीनी एजेंटों के नाम बताए हैं। पुलिस ने आरोपी से उसका लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट लैपटॉप और मोबाइल से हटाए और भेजे गए डाटा को जुटाकर यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि चीनी खुफिया एजेंसियों को क्या-क्या गोपनीय जानकारियां साझा की गईं। चीनी महिला क्विंग शी और नेपाली नागरिक शेर सिंह के पास से जब्त मोबाइल, लैपटॉप, टैब व अन्य दस्तावेज की भी पड़ताल की जा रही है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि चीनी नागरिका क्विंग शी ने खुलासा किया है कि वह 2013 में पढ़ने के बहाने भारत आई थी। यहां उसने जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिट में दाखिला लिया। इसके बाद वह भारत में ही रुकी रही। हालांकि वह चीन आती-जाती रही। क्विंग शी ने बताया कि चीनी नागरिक झंाग चांग और उसकी पत्नी चांग ली लिया ने महिपालपुर में सूरज और ऊषा के नाम से दो फर्जी कंपनी एमजेड फार्मेसी और एमजेड मॉल्स बनाई थी। दोनों भारत से चीन दवाइयां एक्सपोर्ट करने का दिखावा करते थे। बाद में वे अपने देश लौट गए। चीनी एजेंट्स ने दंपती से क्विंग शी और शेर सिंह को कंपनी का निदेशक बनाने के लिए कहा। तभी से हम दोनों फर्जी कंपनी के निदेशक बने हुए थे। क्विंग शी ने बताया कि उनका काम दोनों कंपनियों के खातों में आए रुपयों को राजीव शर्मा के खातों में ट्रांसफर करना था। चीनी एजेंट्स ने शेर सिंह को भी मोटी रकम देने का लालच देकर अपने साथ मिलाया हुआ था।
किष्किंधा नामक यू-ट्यूब चैनल चलाता है आरोपी
रिमांड पर चल रहे राजीव शर्मा ने बताया कि वह किष्किंधा नामक अपना निजी यू-ट्यूब चैनल भी चलाता है। इस चैनल के 11900 सब स्क्राइबर्स हैं। गिरफ्तारी के दिन भी उसने अपने चैनल पर दो वीडियो डाले थे। इसमें आठ मिनट का एक वीडियो था कि ‘चीन अभी भी शरारत कर सकता है।’ वीडियो में बताया गया था कि चीन और भारत के बीच विवाद मंत्री स्तर तक पहुंचने के बाद भी शांति की राह नजर नहीं आ रही है। दूसरा वीडियो चार मिनट का था। उसमें भारतीय मीडिया को सरकार का मुखपत्र बताया गया था। इसको ट्वीटर पर भी शेयर कर दिया गया था। हालांकि बाद में राजीव शर्मा के ट्वीटर अकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया।
सेना की मूवमेंट और रणनीति से जुड़ी जानकारियां देने का था टास्क
भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर है। छानबीन के दौरान पता चला है कि इंडो-चीन बॉर्डर पर चल रहे तनाव के बाद राजीव शर्मा पर दबाव था कि वह भारतीय सेना के मूवमेंट और सेना की रणनीति से जुड़ी ज्यादा से ज्यादा जानकरियां जुटाकर चीनी खुफिया एजेंसी को दे। उसने कई महत्वपूर्ण जानकारियां पहुंचाई भी है। ऐसे में स्पेशल सेल की टीम उससे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने अब तक क्या-क्या गोपनीय जानकारियां दी है।