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Delhi: दम तोड़ने से पहले बच्चों को जिंदगी दे गई शिक्षिका, करंट लगने के बाद भी जिगर के टुकड़ों को दिया धक्का

Sun, 25 Jun 2023 11:09 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

करंट लगने के बाद भी अपने दोनों जिगर के टुकड़ों को धक्का देकर अपने से दूर कर दिया। पानी में गिरते ही साक्षी छटपटाने लगी। कुछ ही देर की छटपटाहट के बाद बच्चों के सामने ही उसकी सांसे थम गई।
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मौके पर पहुंचे परिजन और शिक्षिका का (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी में रविवार तड़के हो रही बारिश के दौरान साक्षी अपने दो मासूम बच्चों और परिवार के सदस्यों के साथ चंडीगढ़ जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंची ही थी कि अचानक उसका सामना पानी में उतरी मौत से हो गया। पानी में पैर रखते ही शायद साक्षी को भी अहसास हो गया कि उसकी मौत आ गई है। उसने करंट लगने के बाद भी अपने दोनों जिगर के टुकड़ों को धक्का देकर अपने से दूर कर दिया। पानी में गिरते ही साक्षी छटपटाने लगी। कुछ ही देर की छटपटाहट के बाद बच्चों के सामने ही उसकी सांसे थम गई। परिजन चाहकर भी उसकी मदद नहीं कर सके, जब तक साक्षी के पास मदद पहुंची, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

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परिवार वालों ने बताया कि गर्मी की छुट्टियां खत्म हो रही थी। इसलिए साक्षी के माता-पिता और बहन ने चंडीगढ़ में रहने वाले रिश्तेदार के घर जाने की योजना बनाई। 25 जून को इन लोगों ने वंदे भारत ट्रेन में आरक्षण करवाया। शनिवार पूरा परिवार गुजरांवाला टाउन में ही रुका था। तड़के साक्षी अपने दोनों बच्चे, माता-पिता और भाई बहन के साथ दो गाड़ियाें से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे। इन लोगों ने कार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पार्किंग में खड़ी कर ट्रेन से जाने का फैसला किया था।
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उसके माता-पिता और भाई कार को पार्क करने चले गए। जबकि साक्षी दोनों बच्चों और बहन माधवी को लेकर प्लेटफार्म पर जाने लगी। उसकी बहन ने परिवार वालों को बताया कि टैक्सी स्टेंड में पानी फैला हुआ था। कम पानी देखकर जैसे ही साक्षी ने पांव रखा वह करंट के चपेट में आ गई। वह गिरकर तड़पने लगी। परिवार वालों ने बताया कि वह मरते मरते अपने मासूम बच्चों को बचा लिया और उन्हें पीछे की तरफ धक्का दे दिया। बच्चे अपने सामने ही मां को तड़प तड़प कर जान देते हुए देखा। लेकिन कोई भी उसे बचा नहीं पाया। गाड़ी को पार्क कर जब उनके माता-पिता वहां पहुंचे तो सन्न रह गए।
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