रोहिणी जिले के कंझावला स्थित सवादा इलाके में मंगलवार रात एक लड़की से प्रेम-प्रसंग को लेकर लड़कों के एक गुट ने दूसरे गुट पर हमला कर दिया। इस दौरान वहां से गुजर रहे स्थानीय निवासी शौकत (24) ने बीच-बचाव किया तो हमलावरों ने उसके सिर की हड्डियां तक तोड़ डाली। घायल शौकत व एक अन्य युवक को संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें सफदरजंग रेफर कर दिया गया। इस बीच शौकत की मौत हो गई।
आरोपियों ने डेढ़ घंटे से ज्यादा देर तक बलवा किया। पुलिस ने दंगा और हत्या का मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी अंकित, विकास समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है। कुछ लोगों ने झगड़े को सांप्रदायिक रंग देने का भी प्रयास किया।
पुलिस के मुताबिक, घायल युवक रिहान (18) ने बताया कि वह परिवार के साथ ओ-ब्लॉक, जेजे कालोनी सवादा में रहता है और ओपन स्कूल से 10वीं कर रहा है। घर के पास उसका दोस्त सैदर रहता है। वह इलाके में रहने वाली एक युवती से प्यार करता है। एम-ब्लॉक में रहने वाला अंकित भी उसी युवती को चाहता है। पता चलने पर अंकित कई बार अपने साथियों को लेकर सैदर को ढूंढने उसके मोहल्ले में गया। मंगलवार रात फिर अंकित अपने दोस्त आकाश, विकास, रोहन, अन्नू, हिमांशु, राहुल, चोली, सुनील आदि के साथ सैदर को ढूंढते हुए ओ-ब्लॉक उसके घर के पास पहुंचे।
सभी के हाथों में डंडे, हॉकी, बेसबॉल के बैट, तलवार थे। पास में रिहान खड़ा था। अंकित ने कहा कि यह सैदर का दोस्त है। इतना सुनते ही लड़कों ने रिहान पर हमला कर दिया। इस बीच जी-ब्लॉक में रहने वाला शौकत वहां पहुंचा और बीच-बचाव कराने लगा। उसने रिहान को छुड़ा लिया। इस बीच रिहान पड़ोसी अब्बास के मकान में घुस गया। यह देख आरोपियों ने शौकत पर हमला कर दिया और कुछ लड़कों ने अब्बास के मकान पर पथराव कर दिया, परंतु रिहान बाहर नहीं निकला। इस दौरान लोग लगातार पुलिस को कॉल करते रहे, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। करीब एक घंटे बाद पहुंची पुलिस ने घायल रिहान व शौकत को अस्पताल पहुंचाया, जहां शौकत को मृत घोषित कर दिया गया। रिहान के हाथ-पैर में फ्रैक्चर हो गया है।
बीच-बचाव कराने की मिली शौकत को सजा
शौकत के भाई सैलाब ने बताया कि वह परिवार के साथ जी-87, सवादा में रहता है। उसका भाई प्राइवेट नौकरी करता था। मंगलवार को वह अपनी नौकरी पर गया था। रात को वापस लौटते समय उसने रिहान को पिटते हुए देखा तो बीच-बचाव कराने लगा। इसी की उसे सजा मिली। सड़क पर उसके भाई को आरोपी बेरहमी से पीटते रहे, लेकिन कोई बचाने नहीं आया। आरोपी एक घंटे से ज्यादा सड़क पर बलवा करते रहे और उसका भाई सड़क पर पड़ा तड़पता रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया। बाद में परिवार को खबर मिली तो उन्होंने अस्पताल पहुंचकर उसकी पहचान की। सैलाब ने बताया कि उसके भाई के सिर में कई फ्रैक्चर थे। बेसबॉल के बैट से सिर की हड्डियां तोड़ दी गई। पुलिस ने बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया। इसके बाद लोगों ने झंडा चौक पर शव रखकर हंगामा किया। उनकी मांग थी कि उन्हें न्याय दिलाया जाए। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की भी धज्जियां उड़ी। पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत किया।
9.53 से 11.52 के बीच 19 पीसीआर कॉल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हथियारों से लैस लड़के इलाके में बवाल करते रहे, लेकिन पुलिस ने सुध नहीं ली। दावा किया कि पुलिस को 100 से अधिक कॉल की गई। कुछ लोगों ने तो यहां तक आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी वहां आए भी थे, लेकिन हालात देखकर चुपचाप निकल गए। पुलिस के रिकॉर्ड में रात 9:53 से 11:52 के बीच 19 पीसीआर कॉल की गईं। वहीं, कुछ लोगों ने झगड़े को सांप्रदायिक रंग देने का भी प्रयास किया और कहा कि पुलिस इसी वजह से जान-बूझकर वहां नहीं पहुंची। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सारे आरोपों से इनकार किया। उनका कहना था कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।