आठ सौ पन्नों की चार्जशीट और 114 लोग गवाह
इस मामले में एक महिला की कार के नीचे फंसकर घिसटने से मौत हो गई थी। दिल्ली पुलिस ने कंझावाला मामले में एक अप्रैल को आरोप पत्र दाखिल किया था। उसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप पत्र लगभग आठ सौ पन्नों का है और 117 लोगों को गवाह बनाया गया है।इसमें कहा गया है कि आरोपियों ने ड्रिंक कर रखी थी। दिल्ली पुलिस ने कार में सवार चार लोगों के खिलाफ हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी, जबकि सभी सात आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, सबूत नष्ट करने, अपराधी को शरण देने समेत विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज किया गया था।
घटना के समय कथित तौर पर कार चला रहे अमित खन्ना पर भी लापरवाही से गाड़ी चलाने और दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों दीपक खन्ना, अमित खन्ना, कृष्ण, मिथुन और मनोज मित्तल को दो जनवरी को गिरफ्तार किया था। दो अन्य सह-आरोपी आशुतोष भारद्वाज और अंकुश को अदालत ने जमानत दे दी थी। नया वर्ष शुरू होने के कुछ ही घंटे बाद अंजलि सिंह (20) की स्कूटी कार से टकराने के बाद उसमें फंस गई थी। स्कूटी को कार सुल्तानपुर से कंझावला तक 12 किलोमीटर से अधिक दूरी तक घसीटती हुई ले गई थी। इस दौरान युवती की मृत्यु हो गई।