दिल्ली गेट के पास बहादुरशाह जफर मार्ग पर शनिवार देर रात एक हादसे में स्कूटी सवार दो नाबालिग समेत तीन लड़कों की मौत हो गई। मृतकों की शिनाख्त मोहम्मद ओसामा (19), मोहम्मद साद (16) और मोहम्मद हमजा (15) निवासीगण तुर्कमान गेट पुरानी दिल्ली के रूप में हुई। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन व बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए।
उनका आरोप था कि पुलिस की गाड़ी ने पीछा करते हुए लड़कों को टक्कर मारी। मामले को लेकर रातभर जमकर हंगामा हुआ और दरियागंज थाने के बाहर नारेबाजी की। एहतियात के तौर पर पुलिस ने रातभर नेताजी सुभाष मार्ग व बहादुरशाह जफर मार्ग के एक केरिजवे को बंद रखा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आरोपों को नकार रहे हैं।
उनका कहना है कि तीनों लड़के बगैर हेलमेट के थे। रफ्तार तेज होने के कारण हादसा हुआ। अब तक की जांच में लड़कों की स्कूटी को टक्कर मारने की जानकारी नहीं मिली है। आईपी इस्टेट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, ओसामा, साद और हमजा तीनों ही परिवार के साथ पुरानी दिल्ली स्थित डीडीए फ्लैट, तुर्कमान गेट पर रहते थे। ओसामा और साद मामा-बुआ के लड़के हैं, जबकि हमजा भी इनका रिश्तेदार था। ओसामा तुर्कमान गेट पर ही एक मदरसे में हिफ्ज (कुरान को कंठस्त करना) कर रहा है।
साद निजामुद्दीन के एक नामी पब्लिक स्कूल में आठवीं कक्षा और हमजा गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र था। शनिवार रात इनके एक रिश्तेदार की शादी थी। तीनों अपने-अपने परिवार के साथ तुर्कमान गेट स्थित दरगाह फैज इलाही स्थित बरातघर में मौजूद थे। इस बीच परिजनों की नजर बचाकर तीनों एक स्कूटी पर घूमने निकल गए। स्कूटी हमजा की थी और वह ही चला रहा था।
तीनों घूमते हुए बहादुरशाह जफर मार्ग (आईटीओ से दिल्ली गेट जाने वाली सड़क) पर पहुंच गए। इस बीच मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के गेट से थोड़ी दूर जाकर रात करीब 11.20 बजे तीनों एक हाईमास्ट लाइट के पोल से जा टकराए। हादसा इतना जबरदस्त था कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। सड़क पर करीब 30 फुट तक खून ही खून फैल गया। वहां से गुजर रहे एक पड़ोसी युवक ने राहगीरों की मदद से तीनों को ऑटो से अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस को करीब 11.34 बजे कॉल मिली। इस बीच तीनों को एलएनजेपी अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। हादसे की सूचना मिलते ही शादी में मौजूद तीनों लड़कों के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। मृतक साद के चाचा रहीसुद्दीन ने आरोप लगाया कि हादसे के समय पुलिस की एक जिप्सी तीनों का पीछा कर रही थी।
जिप्सी की टक्कर लगने के कारण तीनों लड़के हादसे का शिकार हुए। इसी तरह के आरोप बाकी लड़कों के परिजनों ने भी लगाया। देखते ही देखते हजारों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने दरियागंज थाने का घेराव कर रोड जाम कर दिया। आसपास के थानों की पुलिस मौके पर बुलानी पड़ी। पुलिस उपायुक्त मंदीप सिंह रंधावा समेत अन्य आलाधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
रातभर परिजन सीसीटीवी दिखाने और दोषी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने की मांग करते रहे। सुबह करीब छह बजे कुछ परिजनों को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज दिखाई। बताया जा रहा है कि उसमें कोई भी पुलिस की जिप्सी स्कूटी का पीछा नहीं करते दिखाई दी।
इसके बाद परिजनों को सड़क से हटाया गया। रातभर नेताजी सुभाष मार्ग व बहादुरशाह जफर मार्ग की एक-एक लेन बंद रही। देर रात क्राइम टीम और रोहिणी फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर जांच की।
तीनों लड़के बैगर हेलमेट के स्कूटी पर सवार थे। 11.34 बजे सूचना मिलने के बाद पीसीआर 11.38 पर पहुंच गई। सीसीटीवी फुटेज और अभी तक की जांच में किसी भी पुलिस की गाड़ी द्वारा स्कूटी का पीछा करने की बात सामने नहीं आई है। स्कूटी पर भी पीछे से किसी वाहन के टक्कर मारने के निशान नहीं मिले हैं। प्रतीत होता है कि स्कूटी की रफ्तार काफी अधिक थी, जिससे हादसा हुआ।
-मंदीप सिंह रंधावा, पुलिस उपायुक्त-मध्य जिला