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दिल्ली सरकार के बजटीय आबंटन में आई कमी, सरकार ने दिल्लीवालों की अनदेखी करने का लगाया आरोप

Tue, 02 Feb 2021 02:26 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मनीष सिसोदिया - फोटो : एएनआई
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केंद्रीय बजट से दिल्ली को होने वाले आवंटन में इस बार गिरावट आई है। बजट में आपदा कोष में की गई कटौती से वित्तीय वर्ष 2020-21 की तुलना में दिल्ली सरकार को 2021-22 में करीब 158.49 करोड़ रुपये कम आवंटन का प्रस्ताव है। दिल्ली सरकार का कहना है कि दिल्ली नगर निगम समेत केंद्रीय करों में हिस्सेदारी बढ़ाने से जुड़ी सारी मांगे केंद्र सरकार ने खारिज कर दी हैं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सबसे अधिक टैक्स देने वाले दिल्लीवालों को उन्हीं का पैसा नहीं दिया गया।

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दिल्ली को 2021-22 में अलग-अलग मद में 955.51 करोड़ रुपये आवंटन का प्रस्ताव है। जबकि वित्तीय वर्ष 2020-21 के संशोधित बजट में 1116 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। बड़ी कटौती आपदा कोष में की गई है। मौजूदा वित्त वर्ष के 161 करोड़ रुपये के आवंटन की तुलना में आगामी वित्त वर्ष में यह राशि महज पांच करोड़ रुपये है। हालांकि, बीते वित्तीय वर्ष में भी पांच करोड़ रुपये का ही प्रावधान था, लेकिन कोविड महामारी की वजह से संशोधित बजट में इसे 161 करोड़ रुपये कर दिया गया था। अतिरिक्त आवंटन केंद्रीय मदद से बनने वाले चंद्रावल जल शोधन संयंत्र के लिए दी गई रकम में से कटौती करके की गई थी।

दिल्ली सरकार की लंबे समय से मांग रही है कि केंद्रीय करों में हिस्सेदारी बढ़ाई जाए। सरकार की दलील है कि दिल्ली के लोग 1.5 लाख करोड़ टैक्स सालाना देते है, जबकि सिर्फ 325 करोड़ रुपये मिलते हैं। वहीं, निगम को भी 12 हजार करोड़ रुपये मिलने चाहिए। लेकिन दिल्ली सरकार की इन मांगों की भरपाई इस बजट में भी नहीं हो सकी है। दिल्ली सरकार को बजट से केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तौर पर 325 करोड़ रुपये करने का प्रावधान है।
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केंद्र ने फिर निराश किया: मनीष सिसोदिया
दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आम बजट को दिल्ली के लिहाज से निराशाजनक बताया है। सिसोदिया का आरोप है कि बजट में दिल्लीवालों की केंद्र सरकार ने अनदेखी की है। सिसोदिया के मुताबिक, दिल्ली से केंद्र सरकार को 1.5 लाख करोड़ रुपये का टैक्स मिलता है, बदले में केंद्र ने दिल्लीवालों को महज 325 करोड़ रुपये दिए हैं। अनदेखी का आलम यह रहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने एमसीडी को भी एक रुपया नहीं दिया। जबकि दूसरे राज्यों के लिए दो लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है।
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दिल्ली सरकार के लिए आवंटन :
बजट 2020-21 2021-22
केंद्रीय करों में भागीदारी 325 325 करोड़
आपदा रिस्पांस फंड 161.49 5
सिख दंगा पीड़ित 3.50 1.50
केंद्रीय सहायता 626 626
अतिरिक्त सहायता 0.01 0.01
कुल 1116 957.51

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