फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रैपिड रेल का बजट हुआ दोगुना, ज्यादातर हिस्सा पूंजी निर्माण पर होगा खर्च

Tue, 02 Feb 2021 02:47 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
रैपिड मेट्रो - फोटो : social media
विज्ञापन

दिल्ली-एनसीआर में विकास की रफ्तार बेहतर कनेक्टिविटी पर निर्भर करती है। इसी के तहत केंद्र सरकार ने सोमवार पेश आम बजट में एनसीआर के शहरों के बीच आवाजाही बेहतर करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। रैपिड रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आरआरटीएस) के साथ लाइट और नियो मेट्रो से नेटवर्क विस्तार में तालमेल बिठाएगी। रैपिड रेल से जहां, एनसीआर के शहरों में संपर्क बेहतर होगी, वहीं लाइट व नियो मेट्रो कम आबादी वाले इलाकों की राह आसान करेगी। ऐसे मेट्रो प्रोजेक्ट आर्थिक तौर पर नुकसानदेह भी साबित नहीं होंगे।

विज्ञापन


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट के तीनों मोड का अपने बजट भाषण में जिक्र किया है। वहीं, रैपिड रेल के लिए नेशनल कैपिटल रीजनल ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) को वित्तीय वर्ष 2020-21 के 2487.40 करोड़ की तुलना में दो गुना ज्यादा 4472 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव पेश किया। इसमें से 4284 करोड़ रुपये का खर्च पूंजीगत व्यय के तौर पर होगा।

इससे निर्माणाधीन दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस प्रोजक्ट के लिए बजट की कमी आड़े नहीं आएगी। इसके साथ ही प्रस्तावित दिल्ली-पानीपत व दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़ अर्बन कांप्लेक्स) कॉरिडोर को भी रफ्तार मिलेगी। एनसीआरटीसी के वरिष्ठ अधिकारी मानते हैं कि लगातार चौथी बार कॉरपोरेशन का बजट बढ़ा है।
विज्ञापन


इससे प्रोजेक्ट में तेजी आएगी। फिलहाल दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर तयशुदा शेड्यूल के हिसाब से आगे बढ़ रहा है। बीते दिनों दिल्ली में कॉरिडोर का काम शुरू हो गया है। न्यू अशोक नगर मेट्रो स्टेशन के नजदीक निर्माण गतिविधियां चल रही हैं। उम्मीद है वर्ष 2025 तक इस कॉरिडोर पर देश की पहली रैपिड रेल दौड़ने लगेगी।

दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर प्रगति पर
दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबीआर (शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़ अर्बन कांप्लेक्स) को दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान सरकार ने मंजूरी दी है। इसे केंद्र को भी भेज दिया जाएगा। जल्द ही केंद्र सरकार से इजाजत मिल जाएगी। इसके बाद अगले पांच सालों में इस रूट पर भी रैपिड रेल दौड़ने लगेगी। दूसरी तरफ दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर पर हरियाणा सरकार से मंजूरी मिल गई है। फिलहाल प्रोजेक्ट दिल्ली सरकार के पास है। यहां से मंजूरी मिलने के बाद केंद्र को भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के पांच साल में यह कॉरिडोर भी चालू हो जाएगा।

दिल्ली-मेरठ का सफर
कुल लंबाई : 90.05 किमी
स्टेशनों की संख्या : 17
गाजियाबाद में स्टेशनों की संख्या : 07
ट्रेन में अधिकतम कोच : 12
अधिकतम स्पीड : 180 किमी/घंटा

एनसीआरटीसी का बजटीय आवंटन
2019-20 2020-21 2021-222
74.25 2487.40 4472.00

कम आबादी वाले इलाकों को जोड़ने नियो व लाइट मेट्रो
वित्त मंत्री ने जिस नियो मेट्रो का जिक्र अपने बजट भाषण में किया है, उसे बीते साल केंद्र सरकार ने लांच कर दिया है। कम आबादी वाले इलाकों में मेट्रो को आर्थिक तौर पर नुकसानदेह होने से बचाने के लिए इस प्रोजेक्ट को लाया गया है। रबर टायर पर तीन से चार कोच को लेकर चलने वाली मेट्रो की लागत परंपरागत मेट्रो से करीब 60 फीसदी कम आती है। दूसरी तरफ करीब 40 फीसदी से कम बजट पर तैयार होने वाली इस मेट्रो के लिए डीएमआरसी काम कर रहा है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि रिठाला-नरेला व कीर्ति नगर-द्वारका कॉरिडोर की डीपीआर दिल्ली सरकार के पास लंबित है। इनमें से एक पर लाइट मेट्रो व दूसरे कॉरिडोर पर नियो मेट्रो चलाने की योजना है। दिल्ली सरकार की सहमित मिलने के बाद डीएमआरसी इस प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें