युवक पर शादीशुदा महिला की दीवानगी का असर इस कदर हावी हुआ कि उसके शौक को पूरा करने के लिए युवक कर्ज के जाल में फंस गया। इस जाल से निकलने के लिए जब युवक को कोई रास्ता नहीं सूझा, तब उसने खुद के अपहरण का नाटक रच डाला।
युवक ने महिला की मदद से अपने पिता से ही खुद की फिरौती के नाम पर 25 लाख रुपये की मांग कर डाली। जब मामला थाने में पहुंचा तो पुलिस ने महिला को टूंडला से पकड़, उसकी निशानदेही पर युवक को ऋषिकेष से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि 26 जून को श्रीनगर हापुड़ यूपी निवासी सुनील गर्ग ने अमन विहार थाने में अपने बेटे शुभम के अपहरण की शिकायत की। जिसमें उन्होंने बताया कि उनका बेटा सोनीपत हरियाणा की एक कंपनी में काम करता है। 25 जून को उसने कार्यालय से एक दोस्त के जन्मदिन मनाने के लिए रोहिणी जाने की बात की और उसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं है।
थाना प्रभारी उपेंद्र के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की जिसमें पता चला कि शुभम अंतिम बार रोहिणी सेक्टर 22 में देखा गया है। तफ्तीश के दौरान ही 28 जून को अनिता नाम की महिला ने शुभम के परिजनों से संपर्क किया और बताया कि शुभम कर्ज में फंसा हुआ है और उसे कर्ज चुकाने के लिए 25 लाख रुपये की जरूरत है।
महिला ने परिजनों को पांच बैंक खाते का नंबर भेजा और उसमें पैसा जमा करने के लिए कहा। जिस नंबर से महिला ने मैसेज भेजा था उसकी जांच करते हुए पुलिस ने आगरा के टूंडला के पास से अनिता को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अनिता ने बताया कि शुभम उत्तराखंड के ऋषिकेष में है और उससे संपर्क में है। पुलिस ने महिला की निशानदेही पर नमो गंगा होटल से शुभम को गिरफ्तार कर लिया।
महिला के साथ रहने के लिए युवक ने रची साजिश
पूछताछ में पता चला कि शुभम पानीपत स्थित हिंदुस्तान टिन कंपनी लिमिटेड में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था। इसी कंपनी में काम करने वाले उसके सहयोगी का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। दंपती एक दूसरे से अलग रह रहे थे। महिला अपने बच्चों के साथ किरारी सुलेमान नगर में रहती थी। महिला से मुलाकात के बाद शुभम उसके प्रेमजाल में फंस गया और उसके शौक को पूरा करने के लिए पैसा खर्च करने लगा। इस दौरान वह लाखों के कर्ज में आ गया।
इस कर्ज को चुकाने के लिए उसने फिर से कर्ज लिया। फिर उसने पिता से रकम उगाही करने के लिए महिला के साथ मिलकर खुद के अपहरण की साजिश रची। पैसा मिलने के बाद दोनों कहीं दूर बसने की योजना बना रहे थे।