लॉकडाउन के दौरान रेल मंत्रालय बड़ी भूमिका निभा रहा है। एक तरफ जहां दूरदराज इलाकों में खाद्य व दवा जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति कर रहा तो वहीं प्रतिदिन एक लाख से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भोजन करा रहा है। इसके अलावा अन्य लोगों को गर्म भोजन परोसने के लिए रेलवे ने राज्य सरकार को 15 रुपया प्रति प्लेट खाना उपलब्ध कराने की योजना तैयार की है।
रेल मंत्रालय का कहना है कि संकट के इस समय में जहां भी जरूरतमंदों को खाने की जरूरत है वह आपूर्ति कर सकता है। रेलवे रसोई में प्रतिदिन ढाई लाख भोजन के पैकेट बनाए जाएंगे। यदि जरूरत पड़ी तो आपूर्ति को बढ़ाया भी जा सकता है। इसके लिए रेलवे ने देश के सभी राज्यों को सूचित किया है कि वह रेलवे से तैयार भोजन के पैकेट की मांग कर सकते हैं। पेमेंट सेटलमेंट के लिए कई चरण में देने की भी पेशकश की गई है।
भारतीय रेलवे फिलहाल प्रतिदिन लगभग एक लाख गर्म भोजन के पैकेट मुफ्त उपलब्ध करा रहा है। लॉकडाउन के बाद जरूरतमंद लोगों को गर्म पकाया भोजन उपलब्ध कराने के लिए 28 मार्च से कई गैर सरकारी संगठन भी रेलवे का सहयोग कर रहे हैं। कुल मिलाकर 20.5 लाख से अधिक गर्म पका हुआ भोजन रेलवे दिहाड़ी मजदूर, प्रवासी बच्चे, कुली, बेघर, गरीब लोगों को जो रेलवे स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों में रहते है, उन्हें खिला चुका है।