पंजाब के मुख्यमंत्री से जुड़े कथित वीडियो, जिसमें सिख गुरुओं की तस्वीरों के अपमान का आरोप लगाया गया है, उस पर राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कई गंभीर आरोप लगाए। राघव चड्ढा ने कहा कि जिन लोगों के मन में इस बात को लेकर थोड़ी भी शंका, संदेह या भ्रम था कि यह बेअदबी वाला वीडियो एआई से बनाया गया है या फर्जी है, अब उनकी सभी शंकाएं और संदेह दूर हो गए हैं।
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि भगवंत मान और आम आदमी पार्टी को वास्तविक बेअदबी वाले वीडियो को छिपाने के लिए एक फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करनी पड़ी। आज पूरा सिख समुदाय और गुरु नानक नामलेवा समुदाय आहत, नाराज और आक्रोशित है। यह भी जांच होनी चाहिए कि यह फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट कैसे हासिल की गई। इसमें कौन-कौन अधिकारी शामिल थे? इस रिपोर्ट के लिए कथित तौर पर रिश्वत देने में सरकारी धन या निजी धन का इस्तेमाल किया गया? क्या यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में भी आता है? सरकारी धन के दुरुपयोग की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ये सभी पहलू अब जांच के दायरे में हैं और इस मामले में जांच के साथ कार्रवाई भी होनी चाहिए। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को इस्तीफा दे देना चाहिए। नए बेअदबी कानून के तहत पहली एफआईआर और पहला अभियोजन स्वयं भगवंत मान के खिलाफ होना चाहिए।