नशा मुक्ति के खिलाफ मनोज 2012 से मुहिम चला रहे हैं। 26 जनवरी 2021 को उन्होंने पहले अटारी बॉर्डर से इंडिया गेट तक 12 दिन में 800 किलोमीटर की दौड़ लगाई, इसके लिए उनकी सराहन हुई।
रड़हौला के मनोज ने नशा मुक्ति के खिलाफ मुंबई से दिल्ली तक दौड़ लगाकर इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। नशा छोड़ युवा वर्ग खेलों में मन लगाएं इसके लिए उन्होंने 16 दिन के भीतर 1600 किलोमीटर की दोड़ लगाई और राह में जो भी मिला उसे सजग किया।
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नशा मुक्ति के खिलाफ मनोज 2012 से मुहिम चला रहे हैं। 26 जनवरी 2021 को उन्होंने पहले अटारी बॉर्डर से इंडिया गेट तक 12 दिन में 800 किलोमीटर की दौड़ लगाई, इसके लिए उनकी सराहन हुई। उन्होंने एक दिन में 60-70 किलोमीटर की दूरी दौड़कर पूरी की। उनके साथ एक बस चलती, इसी में उनके रहन-खाने का इंतजाम होता। बस का खर्चा उन्होंने खुद वहन किया। रास्ते में लोगों को नशे के खिलाफ वह समझाते और आगे बढ़ते। इसके बाद उन्होंने मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया से दिल्ली में इंडिया गेट तक ऐसी ही दौड़ लगाने का मन बनाया। इसके लिए उन्होंने इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स को सूचित किया।
हाल ही में उन्होंने अपने इस निश्चय को पूरा किया और 16 दिन के भीतर मुंबई से दिल्ली की दूरी तय कर लिया।
इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स ने मनोज को प्रमाण पत्र, पदक और पहचान पत्र भेजा है। तीन भाइयों में बीच के 29 वर्षीय मनोज ने 12वीं तक पढ़ाई की है और अब वह पश्मिम विहार के जिला पार्क में सुबह सात बजे से नौ बजे तक युवाओं को स्वस्थ रहने का प्रशिक्षण देते हैं।