याचिका में कहा गया है कि आक्रमणकारी मोहम्मद गोरी के कमांडर कुतुबुद्दीन-ऐबक के आदेश पर मंदिर को क्षतिग्रस्त कर गुलाम वंश की स्थापना की और मंदिरों के उसी स्थान पर कुछ निर्माण किया, जिसका नाम कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद रखा गया। याचिका में दावा किया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अनुसार 27 हिंदू और जैन मंदिरों को ध्वस्त कर दिया गया था और कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद को परिसर के अंदर खड़ा किया गया था। ध्वस्त मंदिरों को पुनर्स्थापित करने की मांग की गई है।
मंदिर परिसर के प्रबंधन और प्रशासन को एक योजना तैयार करने के लिए निर्देश देने की मांग
याचिका में कहा गया है कि भगवान विष्णु, भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान सूर्य, देवी गौरी, भगवान हनुमान, जैन देवता तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव को कुव्वतुल मस्जिद परिसर, महरौली, दक्षिण-पश्चिम में मंदिर परिसर के भीतर पुनर्स्थापित होने का अधिकार है। याचिका में केंद्र सरकार को ट्रस्ट अधिनियम 1882 के अनुसार ट्रस्ट बनाने और महरौली में कुतुब परिसर के क्षेत्र में स्थित मंदिर परिसर के प्रबंधन और प्रशासन को एक योजना तैयार करने के निर्देश देने के लिए एक आदेश जारी करने की भी मांग की गई है।