क्वारंटीन जेल नहीं है, यह आपकी और दूसरों की सुरक्षा के लिए है, हमें सरकार के आदेशों का हर हाल में पालन करना चाहिए। यह बात मुस्लिम धर्मगुरु इमाम उमेर इलियासी ने निजामुद्दीन मरकज के जलसे में शामिल हुए लोगों से कही। उन्होंने कहा कि मुस्लिम लोग नहीं, बल्कि खुद सामने आकर सरकार को अपने बारे में बताएं। अगर सरकार उन्हें क्वारंटीन में भेजती है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उनको जेल में भेज दिया गया है। लोगों को सरकार से बिना डरे सामने आकर बताना ही होगा। क्वारंटीन के दौरान आपको किसी तरह की कोई सजा भी नहीं दी जाएगी।
इमाम इलियासी ने बताया कि क्वारंटीन इलाज है। आपको इसके बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। फिलहाल बचाव के अलावा कोरोना वायरस की अभी कोई दवा नहीं है। जितना हम बचाव कर सकते हैं करें। उन्होंने लोगों से कहा कि कोरोना वायरस को धर्म से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। कोरोना वायरस धर्म का भेदभाव नहीं कर रहा है। उसका संक्रमण लापरवाही बरतने वालों को हो रहा है। इस्लाम एक-एक व्यक्ति के जीवन को बचाने और उसको सुरक्षित रखने के बारे में कहता है। सरकार ने हम सब लोगों को सुरक्षित रखने के लिए लॉकडाउन किया है। हमें हर हाल में इसका पालन करना है।