शाहीन बाग में प्रदर्शन करते लोग...
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के विरोध में जामिया और शाहीन बाग में शनिवार को भी प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थी व स्थानीय लोग सीएए और एनआरसी को वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं शाहीन बाग में धरने पर बैठे स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इस कानून के विरोध में रविवार से जेल भरो आंदोलन की शुरुआत करेंगे।
शाहीन बाग में कड़कड़ाती ठंड में 200 से 250 महिलाएं नोएडा-सरिता विहार रोड बंद कर दिन-रात धरने पर बैठी हैं। इन महिलाओं का कहना है कि वह अपने बच्चों की खातिर धरने पर बैठी हैं। वह नही चाहती कि उनके बच्चे शेल्टर होम में बड़े हों।
जामिया में छात्रों व स्थानीय लोगों के समर्थन में पूर्व सांसद अली अनवर अंसारी और चांदनी चौक की पूर्व विधायक अल्का लांबा भी पहुंचे। दोनों ने नागरिकता कानून का विरोध करते हुए छात्रों व अन्य लोगों पर दर्ज केसों को तुरंत वापस लेने की मांग की।
अली अनवर ने कहा कि सीएए संविधान के खिलाफ है। केंद्र सरकार धर्म के आधार पर लोगों को बांटना चाहती है। चांदनी चौक की पूर्व विधायक अल्का लांबा ने कहा कि जितना हो सके अपनी बात को शांतिपूर्ण तरीके से रखें। उन्होंने छात्रों व स्थानीय लोगों को सावधान करते हुए कहा कि कुछ लोग षडयंत्र रचकर उनके आंदोलन को कमजोर करना चाहते हैं।
हौसले बुलंद रखने के अलावा सभी को बेहद संयम से काम लेना है। दिनभर चले विरोध प्रदर्शन के दौरान बीएचयू और डीयू के कई प्रोफेसर व छात्र नेता भी पहुंचे।
वहीं धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि इस कानून से देश के मुसलमानों पर फर्क पड़ेगा। महिलाओं का कहना है कि स्थानीय लोग उनको खाने-पीने का सामान पहुंचा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रविवार को उनका जेल भरो आंदोलन शुरू होगा। इस दौरान शाहीन बाग थाने जाकर सीएए बिल की कॉपी फाड़ेंगे और खुद को पुलिस के हवाले करेंगे।
उधर, जंतर-मंतर पर भी अखिल भारतीय परिवार पार्टी की एक ओर से सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया।